शिक्षिकाओं ने छात्राओं को गुड और बैड टच के बारे में बताया
बरेली। गांव हो या शहर, लड़कियों को हर हालातों से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। वे तभी अपराजिता बन पाएंगी। आत्मनिर्भर होंगी तभी वह खुद की हिफाजत करने में सक्षम होंगी। इसके लिए पढ़ाई के साथ आत्मनिर्भर के गुर भी सीखने की आवश्यकता है। साथ ही सही और गलत की पहचान करना भी जरूरी है। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत शनिवार को जूनियर हाईस्कूल कांधरपुर में व्याख्यान कार्यक्रम हुआ जिसमें शिक्षिकाओं ने छात्राओं को गुड और बैड टच के साथ आत्मनिर्भर बनने के गुर भी सिखाए।
प्रधानाध्यापिका शबीना परवीन ने एक गुड़िया के माध्यम से छात्राओं को बताया कि अगर कोई व्यक्ति छूता है तो कैसे पता करेंगे कि उसकी नियत साफ है या गलत। बताया कि बाहर या परिवार में कोई गलत नियत से छूता है तो उसे छिपाएं नहीं बल्कि अपने शिक्षकों और घर में जरूर बताएं। सहायक अध्यापिका रेखा रानी ने कुछ कामयाब महिलाओं के उदाहरण देकर बताया कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। अगर लक्ष्य तय कर लें तो हालात और गरीबी बेड़ियां नहीं बन सकतीं। प्राथमिक विद्यालय कांधरपुर की सहायक शिक्षिका प्रिया मिश्रा ने दरिया की कसम ये ताना बाना बदलेगा गीत सुनाकर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। शिक्षिका नीतू ने छात्राओं को बताया कि हमेशा अपने सिक्स सेंस का इस्तेमाल करना चाहिए। लड़कियां खुद समझ सकती हैं कि कौन उनको सही और कौन गलत नियत से छू रहा है। शिक्षिका अंजू जौहरी ने कहा कि अगर कभी कुछ गलत हो तो उसे छिपाएं नहीं मां-बाप या शिक्षकों को जरूर बताएं। शिक्षिका प्रीति ने पढ़ाई पर जोर दिया। कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं। मेहनत करें और आगे बढ़ें। पढ़ाई ही हर समस्या का समाधान हैं। इस मौके पर छात्रा ईशा निकिता, अंशिका ने भी विचार रखे। अमर उजाला की तरफ से उनको सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। इस मौके पर रश्मि राठौर, प्रिया, मानवेंद्र, शारदा कश्यप, नेहा आदि मौजूद रहे।