बरेली। अमर उजाला ‘100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के तहत मंगलवार को सिटी स्टेशन रोड स्थित जीजीआईसी में ‘21वीं सदी में महिला सुरक्षा’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतिभागियों ने बेबाकी से अपनी बात रखी। कहा, नारी कमजोर नहीं बल्कि सशक्त है। बेटियां कार से लेकर हवाई जहाज तक उड़ा रही हैं। लेकिन बरसों पुरानी थोपे गए रीति रिवाज और रूढ़ियों से वे खुद को आजाद न कर पाने की वजह से कैद में हैं। उन्होंने महिलाओं से अपने भाषण के जरिए अपील की कि अपराजिता बनना है तो पहले खुद पर भरोसा जरूरी है।
भाषण प्रतियोगिता में जीजीआईसी की छात्राओं ने बढ़चढ़कर प्रतिभाग किया। छात्राओं ने बताया कि 21वीं सदी में महिला उत्पीड़न पर रोक नहीं लग रही है। इसकी मुख्य वजह कानून का सख्ती से लागू नहीं किए जाने समेत उत्पीड़न पर खामोश रहने वाली महिलाएं दोनों ही जिम्मेदार हैं। सरकार ने छेड़छाड़ या घरेलू हिंसा समेत अन्य महिला अपराधों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं लेकिन महिलाएं उनके प्रति जागरूक नहीं हैं या जानकर भी अनजान बनी हैं। इसकी वजह से वे आज भी दहलीज के अंदर कैद हैं। कहा किताबों में महिला सशक्तिकरण का पाठ पढ़ने या उस पर विचार विमर्श का तब तक सकारात्मक पहल नहीं होगी जब तक महिलाएं खुद अपने हक के लिए आवाजा नहीं उठाएंगी। इस दौरान प्रिंसिपल अनु पराशरी ने छात्राओं को महिला सशक्तिकरण समेत पढ़ लिखकर समाज के विकास में योगदान देने को प्रोत्साहित किया।
सम्मानित हुए विजेता
भाषण प्रतियोगिता में 12वीं की कीर्तिका अग्निहोत्री प्रथम, 11वीं की सृष्टि शर्मा द्वितीय, 11वीं की प्रिंसी शर्मा तृतीय, 11वीं की शिवानी गुप्ता चतुर्थ और 9वीं की राधा शर्मा पांचवें स्थान पर रहीं। इसके अलावा एक अन्य छात्रा 12वीं की शेफाली शर्मा के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए कंसोलेशन प्रमाण पत्र प्रदान किय गया। इसके बाद सभी ने अपराजिता की शपथ ली। यहां अर्चना राजपूत, ममता कुमारी, करुणा चौधरी, प्रवीणा श्रीवास्तव, सुमिता गोला, आबदा खानुम, शालिनी यादव व अन्य शिक्षिका मौजूद रहीं।