बरेली। रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में अब परिसंपत्ति के साल्वेज मूल्य में कटौती नहीं होगी। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी की आपत्ति के बाद एनएचएआई ने साल्वेज मूल्य में तीस फीसदी कटौती के आग्रह को वापस ले लिया और 50 लाख रुपये के साल्वेज मूल्य की स्वीकृति जारी की। अब मुआवजा बंटने में कोई बाधा नहीं है। ऐसे में जल्द ही यह काम शुरू होने का दावा किया जा रहा है।
रिंग रोड में कुल 32 गांवों की जमीन ली जानी है। एक हजार से अधिक भू-स्वामियों को जमीन के बदले में 863 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है। वितरण के लिए छह गांवों में अधिग्रहीत भूमि के अवार्ड होने हैं। शेष 26 गांवों के लिए मुआवजा वितरण प्रक्रिया में है। एनएचएआई ने 377 करोड़ रुपये के भुगतान की स्वीकृति पहले ही विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भेजी है। इसमें नौ करोड़ रुपये का भुगतान सरनिया और इटौआ सुखदेवपुर के भू-स्वामियों को दिया गया है। करीब एक महीने से साल्वेज मूल्य में कटौती की वजह से मुआवजा वितरण अटक रहा था।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने साल्वेज मूल्य में कटौती को नियमों के विपरीत बताया था। कटौती के मुद्दे पर भू-स्वामियों के कोर्ट जाने का अंदेशा व्यक्त किया गया था। इसके बाद ही एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने कटौती न किए जाने की बात स्वीकार की है।
साथ ही साल्वेज मूल्य के 50 लाख रुपये का भुगतान बिना किसी कटौती के करने के लिए पत्र भेज दिया। परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे ने कहा कि साल्वेज मूल्य का मसला हल हो गया है। अब मुआवजे के वितरण की उम्मीद है।