बरेली। केजीएन अपोलो अस्पताल से बच्चा चोरी करने वाले दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए। पूरा अस्पताल भ्रष्ट तंत्र की जीती जागती तस्वीर बना हुआ है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने दूसरे दिन भी कोई कार्रवाई नहीं की। वह पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बारादरी इंस्पेक्टर अमित पांडेय के मुताबिक डोहरा रोड के इस अस्पताल का संचालक आरिफ हुसैन बिथरी के डोहरिया गांव का निवासी है। वह खुद को फार्मासिस्ट बता रहा था पर इसके भी कागजात नहीं दिखा सका। अस्पताल के बोर्ड पर दो महिला डॉक्टरों (श्रद्धा चंद्रा और शाजिया बानो) के नाम पैनल के तौर पर लिखे थे। इनमें एक श्रद्धा चंद्रा और दूसरी शाजिया बानो थीं। दोनों के आगे एमबीबीएस लिखा गया था। पुलिस ने आरिफ से कॉल करवाकर दोनों से बात की। इनमें से श्रद्धा चंद्रा के कागजातों से ही अस्पताल का पंजीकरण है। श्रद्धा चंद्रा बच्चा चोरी और पुलिस का मामला होने की वजह से पहले हड़बड़ा गईं। बाद में उन्होंने आरिफ से कहा कि तुमने मेरे नाम से पंजीकरण क्यों करा लिया, जबकि मैंने तो तुम्हें दूसरे काम के लिए कागजात दिए थे। तब आरिफ ने तर्क दिया कि मैडम आप झूठ मत बोलिए, आप तो तीन बार अस्पताल में विजिट कर मरीज भी देख चुकी हैं। तब डॉ. श्रद्धा चंद्रा ने सफाई दी कि वो तो मरीजों की परेशानी देखकर चली गई थी। मेरा इससे कोई मतलब नहीं है। दूसरी डॉक्टर ने भी पल्ला झाड़ लिया।
पुलिस को पता लगा कि अस्पताल में यूं तो दस से ज्यादा कर्मचारी हैं पर लिखापढ़ी में प्रहलाद सागर नर्सिंग स्टाफ व मोहम्मद नदीम ओटी टेक्नीशियन है। अस्पताल का अधिकतर स्टाफ हाईस्कूल या 11वीं तक पढ़ा है और दूसरे अस्पतालों में रहकर मरहम-पट्टी व डिप लगाने जैसे काम सीख लिए हैं। खुद संचालक आरिफ पहले शहर के बड़े अस्पतालों में नर्सिंग का काम कर चुका है।
पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि जिला महिला अस्पताल के डॉ. राजीव गुप्ता रोज रात को दस बजे के बाद इस अस्पताल में विजिट करते थे। जो बच्चा चोरी किया गया उसका इलाज भी राजीव गुप्ता ही कर रहे थे। डॉ. गुप्ता ने बताया कि वह संविदा पर महिला अस्पताल में कार्यरत हैं और प्राइवेट प्रैक्टिस कर सकते हैं। उन्हें बच्चा चोरी की जानकारी नहीं है पर बच्चे का इलाज उनकी ही देखरेख में चल रहा था।
पुलिस को पता लगा कि यह भवन एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में तैनात एचके सिंह की पत्नी आभा सिंह के नाम पर है। इनके भवन में कुछ महीने पहले तक दूसरा अस्पताल चल रहा था। करीब दो महीने से यह अस्पताल यहां चल रहा है। आभा सिंह से पुलिस ने बात की तो उनका कहना था कि उन्हें केवल किराये से मतलब है।
अस्पताल से बच्चा चोरी के मामले में दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए हैं। इस मामले में अन्य जो भी आरोपी प्रकाश में आएंगे, उन्हें नामजद कर जेल भेजा जाएगा। अस्पताल के बारे में उच्चाधिकारियों के जरिये संबंधित विभागों के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। - अनीता चौहान, सीओ तृतीय