बरेली। चार शुभ संयोगों में कल अपरा एकादशी मनाई जाएगी। अपरा एकादशी पर आयुष्मान, प्रीति योग, सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है।
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहते है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस बार अपरा एकादशी 23 मई को मनाई जाएगी। पंडित विनीत शास्त्री बताते हैं कि अपरा एकादशी व्रत पर विधि-विधान से पूजा पाठ करने से संकट दूर होते हैं। इस दिन मां तुलसी की पूजा की जाती है।
इस दिन सुबह स्नान करने के बाद तुलसी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें। इसके बाद सूखी हुई तुलसी की जड़ को पीले कपड़े में बांधकर घर के मुख्य द्वार पर बांध दें। इस दिन तुलसी की पूजा के साथ देसी घी का दीपक जलाएं। संवाद