कशिश का दर्द सुनकर भावुक हुईं
अंशिता जब थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठी थीं, तभी हजियापुर निवासी कशिश थाने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी दो मई 2024 को मुजाहिद खां से हुई थी। दहेज से ससुराल वाले खुश नहीं थे। उन्होंने 17 अगस्त 2025 को उसे छह महीने की बेटी के साथ घर से निकाल दिया।
पुलिस के हस्तक्षेप से समझौते के बाद वह फिर ससुराल चली गई। 29 सितंबर 2025 किसी समारोह में जाने को उसने जेवर मांगा, तब ससुराल वालों ने उसे पीटकर सीढ़ियों से धक्का दे दिया। कशिश का दर्द सुनकर अंशिता ने एसआई आरती चौधरी को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।