कुछ दिन पहले युवक ने कराई थी रिपोर्ट
कुछ दिन पहले आदित्य उपाध्याय के खिलाफ सिविल लाइंस बिहारीपुर निवासी देव कुमार ने भी इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। देव कुमार ने आरोप लगाया था कि आदित्य उन पर रास्ते के लिए जमीन छोड़ने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर गोली मारने की धमकी देने लगा। इसके अलावा क्षत्रिय समाज के लोगों ने भी आदित्य पर सोशल मीडिया के जरिये समाज विरोधी टिप्पणी करने का आरोप लगाकर रिपोर्ट कराई थी। पुलिस इन मामलों की भी विवेचना कर रही है।
अब कसेगा शिकंजा
पुलिस ने कुछ दिन पहले पीलीभीत बाइपास गोलीकांड के आरोपी राजीव राना की हिस्ट्रीशीट खोली थी, लेकिन आदित्य पर इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। कुछ दिन पहले पुलिस ने आदित्य को उत्तराखंड से लौटते समय पकड़ा भी था, लेकिन पूछताछ करके छोड़ दिया। अब पुलिस आदित्य और उसके साथियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने आदित्य पर दर्ज मुकदमों की फेहरिस्त को खंगालना शुरू कर दिया है।
बैनामा बना अहम सबूत
गोलीकांड के बाद राजीव और आदित्य पक्ष को जेल भेज दिया गया था, लेकिन तारावती न्यायालय में पैरवी करती रहीं। न्यायालय में बैनामा और अखबारों की कतरनों को सबूत के तौर पर पेश किया गया। राजीव के नाम का बैनामा अहम सबूत साबित हुआ। इसके बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। फिलहाल विवादित भूखंड पर यथास्थिति बनी हुई है और दोनों पक्षों में से किसी का कब्जा नहीं है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि घटनाक्रम दो साल पुराना है। पुलिस इस मामले में काफी कार्रवाई कर चुकी है। फिर भी कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जाएगी। गुण-दोष व तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।