गैंगस्टर लगाने की चल रही तैयारी
कन्हैया गुलाटी और उसके गुर्गों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी कन्हैया गुलाटी और उसके गुर्गे अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। गुलाटी के खिलाफ लुकआउट नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। इससे पहले अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के निदेशक शशिकांत मौर्य और उसके भाई सूर्यकांत के खिलाफ भी ठगी के 20 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। दोनों भाइयों पर निवेश के नाम पर 600 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। अब तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये इनाम घोषित किया जा चुका है।
प्रलोभन देकर सैकड़ों लोगों को बनाया शिकार
कन्हैया गुलाटी ने तरह-तरह के प्रलोभन देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराकर रकम हड़प ली। उसके झांसे में आकर निवेश करने वाले लोग अब पछता रहे हैं। कन्हैया गुलाटी का नेटवर्क बरेली के अलावा आसपास के जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है। दिल्ली निवासी सीआरपीएफ जवान ने भी पिछले दिनों गुलाटी के खिलाफ ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उधार लेकर निवेश किए थे छह लाख रुपये
निवेशक रेखा पटेल ने बताया कि तीन साल पहले हरेंद्र प्रकाश, जगतपाल और कन्हैया गुलाटी मेरे घर आए थे। अपनी कंपनी की कई योजनाओं और उनके लाभ के बारे में बताते हुए 22 माह में धन दोगुना करने का झांसा दिया। झांसे में आकर पति से छह लाख रुपये उधार लेकर निवेश की थी। अपने रिश्तेदारों और परिचितों से भी एक करोड़ रुपया निवेश कराया था। कुछ महीने तक ब्याज मिलता रहा, लेकिन बाद में रुपये मिलने बंद हो गए। संपर्क करने पर धमकी दी गई।
9.75 लाख गंवाए, पुलिस को दी है तहरीर
निवेशक हेमंत ने कहा कि कन्हैया लाल गुलाटी और उसके सहयोगियों के झांसे में आकर तीन साल पहले कैनविज कंपनी में 9:75 लाख रुपये निवेश किए थे। अपने रिश्तेदारों और परिचितों से भी एक करोड़ से ज्यादा का निवेश कराया था। कंपनी ने कुछ दिन तक तो निवेश पर लाभ दिया, लेकिन बाद में रुपये देना बंद कर दिया। रुपये मांगने पर टालमटोल करने लगे। मोबाइल कॉल रिसीव करना भी बंद कर दिया। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है।