धोखाधड़ी कर फर्जी कागजात बनवाए
मोहम्मद कमर अख्तर ने कहा कि उनके पिता साकिर हुसैन का कंघी टोला निवासी डॉ. नफीस की कुतुबखाना स्थित चश्मे की दुकान पर आना-जाना था। डॉ. नफीस ने उनके पिता को अपने विश्वास में लेकर वक्फ संख्या 26-ए वाली संपत्ति को वर्ष 1996 में 30 साल के लिए अपनी पत्नी फरहत बेगम के नाम लीज पर लिया। वर्ष 2022 में उनके पिता का निधन होने पर डॉ. नफीस और उसकी पत्नी फरहत बेगम ने धोखाधड़ी कर फर्जी कागजात तैयार करा कर वक्फ संख्या 26-ए की संपत्ति का अपने दोनों पुत्रों मो. नौमान खान और मो. फरहान खान के नाम गिफ्ट डीड बनवा लिया।
उस संपत्ति पर वह सभी अभी भी काबिज हैं। मोहम्मद कमर अख्तर ने मांग की है कि वक्फ संख्या 26-ए की संपत्ति उन्हें वापस दिलाई जाए। साथ ही, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में कोतवाली थानाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डॉ. नफीस पहले से ही जेल में बंद है।