बिशारतगंज। कैंसर से एक और कस्बावासी की शनिवार को मौत हो गई। वार्ड 11 निवासी साबिर हुसैन (70) के बेटे राशन विक्रेता मुन्ना राशिद अंसारी ने बताया कि कुछ दिन पहले पिता के फेफड़ों में कैंसर की जानकारी हुई। इलाज के बावजूद उनको बचाया नहीं जा सका। आठ साल पहले उनके चाचा शराफत हुसैन (45) की गले के कैंसर से जान चली गई थी। तीन साल पहले उनकी चाची शफीकन बेगम (48) की पेट के कैंसर से जान चली गई थी। दो साल पहले चाचा शकील हुसैन (58) को मुंह का कैंसर हुआ। उनका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़े शहरों में इलाज कराने के बावजूद मौतों का सिलसिला जारी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग या नगर पंचायत प्रशासन संवेदनशील नहीं है। कैंसर के इतने केस निकलने के बाद भी उसकी जड़ का पता नहीं लगाया गया है। संवाद