बरेली। जिले भर में जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान कई स्थानों पर विवाद होने पर माहौल गरमा गया। शहर में अंजुमनों को रोकने का विरोध करने पर कुतुबखाना चौराहे पर पुलिस ने सकलैनियों को लाठी फटकारकर खदेड़ दिया। उर्स में शामिल होने आए दूसरे प्रदेशों के जायरीन समेत दस लोग जख्मी हो गए। आईजी, डीआईजी, डीएम और एसएसपी समेत तमाम अफसर कोतवाली में घंटों जमे रहे।
जुलूस-ए-मोहम्मदी के लिए अंजुमनों को कोहड़ापीर पर जमा होना था। शाम साढ़े पांच बजे किला से कई अंजुमनें कोहाड़ापीर के जुलूस में शामिल होने के लिए आ रही थी। इसके कुतुबखाना पर पहुंचते ही यहां खड़े तहफ्फुज तहरीक-ए-सुन्नियत के कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में उन्हें रोककर कोहाड़ापीर की तरफ को मुड़ने का इशारा कर दिया। अंजुमनें जैसे ही कोहाड़ापीर की तरफ चलने लगीं इस दौरान कुतुबखाना चौराहे पर खड़े सकलैनी सिलसिले के लोगों ने अंजुमनों को मनिहारों की गली की तरफ से दरगाह शाह शराफत मियां की ओर भेजने की कोशिश की। इसी को लेकर टीटीएस और सक लैनी सिलसिले के लोगों में कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ता देख पुलिस फोर्स ने लाठियां फटकार कर सकैलियों को वहां से हटा दिया। सूचना मिलने पर दरगाह शाह शराफत मियां के प्रबंधक मुमताज मियां, मुनीर सकलैनी, हमजा सकलैनी, आफताब हुसैन सकलैनी आदि के साथ कुतुबखाना पहुंच गए। उनकी पुलिस और प्रशासन के अफसरों से भी अंजुमनों को रोकने को लेकर नोकझोंक हुई। मुमताज मियां ने अफसरों पर 50 साल पुरानी परंपरा तुड़वाने के लिए लाठीचार्ज कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस के लाठियां चलाने से जिला महोबा के पनवाड़ी मोहम्मद नईम, मुंबई के गंवाड़ी के अब्दुल शेख, मुकीम मुछाड़ा, अब्दुल अजीज, जुबैर, अफजल सकलैनी, अबुजर रहमानी आदि कई लोग जख्मी हो गए। दरगाह आला हजरत के मुफ्ती सलीम ने बताया कि अंजुमन आशिकाने रजा, कंघी टोला, अंजुमन अल हिजाज, मलूकपुर, अंजुमन गुलामाने रजा, लाल मस्जिद के कई लोग सकलैनियों के मारपीट करने से जख्मी हुए हैं।
उधर, सेंथल में जुलूस के दौरान युवक की पिटाई को लेकर बवाल होने पर बाजार बंद हो गया। नवाबगंज के रसूला तालिब गांव में जुलूस को लेकर विवाद होने पर दो समुदाय के लोगों की भिड़ंत से हंगामा हो गया। हाफिजगंज के हरहरपुर मठकली गांव में प्रधानी के चुनाव की रंजिश को लेकर जुलूस-ए-मोहम्मदी में मारपीट और पथराव हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों के छह लोग जख्मी हो गए हैं।
कोट
जुलूस-ए-मोहम्मदी का जुलूस शांति पूर्वक निकला। रजवी-सकलैनी के विवाद से पुलिस का कोई लेना-देना नहीं है। दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा।
-धर्मवीर यादव, एसएसपी