प्रो संजय कुमार -पेटेंट वाली खबर में
बरेली। बूचड़खानों, मांस की दुकानों या फिर कहीं भी जानवरों के खून की बर्बादी रोकने के लिए प्रोफेसर ने इंटेलीजेंट और स्मार्ट डस्टबिन तैयार किया है। केंद्र सरकार ने इसका पेटेंट जारी किया है। एआई (कृत्रिम बुद्धिमता) और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल कर बनाया गया डस्टबिन रक्त संग्रह करेगा। साथ ही, फार्मा कंपनी को इसकी सूचना देगा। एसआरएमएस कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रो. संजय कुमार ने एक वर्ष के अनुसंधान के बाद इस डस्टबिन को तैयार किया है।
यह सामान्य डस्टबिन जैसा ही है, लेकिन इसमें लगी मशीन इसे स्मार्ट बनाती है। यह रक्त को इकट्ठा कर नजदीकी संबंधित कंपनियों को सूचना भेजेगा। इस पर कंपनी के कर्मचारी आकर खून ले जाएंगे। खून में मुख्य रूप से प्रोटीन और पानी होता है, जिसे तरल मांस भी कहा जाता है। अगर खून को स्वच्छता पूर्वक एकत्र किया जाए तो इसे कई क्षेत्रों में उपयोग कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल पालतु पशुओं के खाने में, सौंदर्य प्रसाधन या दवाएं बनाने में कर सकते हैं।
पर्यावरण भी रहेगा सुरक्षित
डॉ. संजय कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने इसका पेटेंट जारी कर दिया है। स्मार्ट डस्टबिन पर्यावरण को भी सुरक्षित रखेगा। अक्सर जानवरों को मारकर उनका मांस तो बेच दिया जाता है, लेकिन उनका रक्त नालियों या खुले स्थान पर फेंक दिया जाता है। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। मांस की दुकानों पर इसका इस्तेमाल हो सकता है।
प्रो संजय कुमार -पेटेंट वाली खबर में