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गुस्साई महिलाओं ने दरांती लेकर मीडिया वालों को दौड़ाया

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दरांती लेकर नाराजगी दिखाती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पुलिस के लाठी चार्ज के बाद पीछे हटे पुरुष तो खेतों में काम कर रही महिलाओं ने संभाला मोर्चा
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महिलाओं के साथ बच्चों ने भी किया हंगामा और नारेबाजी

बरेली। बीडीए की कार्रवाई के बाद गांव चंदपुर बिचपुरी में जमकर गुस्सा भड़का। पहले तो गांव के पुरुषों ने पुलिस पर पथराव किया लेकिन लाठीचार्ज किए जाने के बाद पुरुष तो पीछे हट गए और उनकी जगह महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। नारेबाजी और हंगामे के बीच महिलाएं भी पथराव करती रहीं। मीडिया वालों की भीड़ इकट्ठी हुई तो हाथों में दरांती लिए महिलाएं उन पर हमला करने को दौड़ पड़ीं। इससे मीडिया के लोगों में भगदड़ मच गई।
धर्मस्थल का कब्जा हटाने के बाद बीडीए की टीम तो निकल गई लेकिन इस कार्रवाई से नाराज एक समुदाय के लोग काफी देर तक हंगामा करते रहे। इसी दौरान दूसरे थानों के फोर्स के साथ पत्रकार और पोर्टल चलाने वालों का यहां पहुंचना शुरू हुआ। इन लोगों ने कैमरों से फोटो खींचने के साथ मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो खेतों से हाथ में दरांती लिए निकली महिलाओं ने उन्हें दौड़ा लिया। कई महिलाएं सड़क से पत्थर उठाकर पुलिस और पत्रकारों के पीछे दौड़ पड़ीं। बाद में जब नेता यहां पहुंचे तो मीडिया के लोग दोबारा कवरेज के लिए लौटे। पुलिस ने भी सबूत के तौर पर वीडियोग्राफी कराई।
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हंगामा कर रही महिलाओं के साथ तमाम बच्चे भी पहुंच गए जो बीडीए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। महिलाएं नारेबाजी करते हुए सड़क के बीच खड़ी रहीं। मीडियाकर्मियों से नोकझोंक करते हुए उन्होंने काफी देर उन्हें फोटो नहीं खींचने दिए। धरना खत्म होने के बाद कुछ गांव वालों ने ढहाए गए मलबे के ऊपर धार्मिक झंडा लगा दिया। इस दौरान भी लोग कुछ देर तक नारेबाजी करते हुए पुरानी जगह पर ही दोबारा धर्मस्थल बनवाने की जिद करते रहे।

बीडीए की पेशकश.. कब्रिस्तान की जमीन पर शिफ्ट करा देंगे धर्मस्थल

बरेली। बीडीए की रामगंगा नगर आवासीय परियोजना में बन रही सड़क की सीमा में आए धर्मस्थल का हिस्सा तोड़ने के बाद बीडीए उपाध्यक्ष ने उसे कब्रिस्तान की जमीन पर शिफ्ट करा देने की पेशकश की है। शाम को बीडीए कार्यालय पहुंचे गांव चंदपुर बिचपुरी के लोगों ने दावा किया कि धर्मस्थल सड़क की जमीन पर नहीं बना था लेकिन राजस्व रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। बीडीए उपाध्यक्ष के प्रस्ताव पर गांव वालों ने उलमा की सलाह लेने और विचार करने के बाद अपना फैसला बताने की बात कही है।
धर्मस्थलों पर बीडीए की कार्रवाई के बाद मुश्ताक अहमद, हसनैन, जमील अहमद आदि गांव के लोगों के साथ सपा नेता हैदर अली ने बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह से उनके कार्यालय में जाकर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बगैर कोई नोटिस दिए धर्मस्थल पर बुलडोजर चला दिया गया। इस पर बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि बीडीए ने अपनी कार्रवाई से पहले सभी पक्षों से बात करने के साथ नोटिस भी दिया था। यह अवैध निर्माण कब्रिस्तान की जमीन से सटे मार्ग पर कर लिया गया था। इसीलिए उसे ढहाया गया। उन्होंने गांव वालों को आश्वासन दिया कि बीडीए धर्मस्थल को खुद अपने खर्च पर कब्रिस्तान की जमीन पर शिफ्ट करा देगा। इस गांव वालों ने उलमा की सलाह लेने के लिए थोड़ा समय देने की मांग की। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि कब्रिस्तान की जमीन पर बनी पुराने धर्मस्थल को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। धर्मस्थल की आड़ में किए गए अवैध कब्जे को गिराया गया है।

सपा नेता के पहुंचने के बाद बढ़ा हंगामा

बरेली। बीडीए की कार्रवाई के बाद लोगों ने करीब दो घंटे तक हंगामा किया। इसके बाद जब लोग लौट रहे थे तभी सपा महानगर जिला उपाध्यक्ष हैदर अली पहुंच गए और धर्मस्थल का निर्माण गिराने का विरोध करते हुए लोगों से धरना शुरू करने की अपील की। इसके बाद लोग उनके साथ धरने पर बैठ गए।
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लोगों के बीच पहुंचे सपा नेता हैदर अली ने कहा कि प्रशासन ने बिना नोटिस दिए धर्मस्थल को शहीद कर दिया है। हम लोग यहां तब तक धरना देंगे जब तक यहीं पर इसका दोबारा निर्माण शुरू न कर दिया जाए। सपा नेता की अपील पर एक बार फिर नारेबाजी से माहौल गर्म हो गया। गांव के लोग धर्मस्थल के पास ही धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद पहुंचे एसडीएम ने लोगों को मानचित्र दिखाकर बताया कि धर्मस्थल सड़क की सीमा में बना था। कब्रिस्तान की जमीन कागजों में है जहां बने धर्मस्थल को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई समस्या है तो बीडीए उपाध्यक्ष से बात कर ले। इसके बाद ग्रामीण शांत हो गए।

एसडीएम ने बिना मास्क पहने आए सपा नेता से किया बात करने से इनकार

धरना पर बैठे लोग सपा नेता हैदर अली के साथ जब एसडीएम के पास बात करने पहुंचे तो उनमें से किसी के चेहरे पर मास्क नहीं था। इस पर एसडीएम ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले मास्क लगाकर आओ, उसके बाद वह बात करेंगे। इस बात पर फटकार भी लगाई कि कोरोना के बावजूद उन्होंने मास्क नहीं लगाए हैं। नेताओं ने मास्क के बिना ही बात करने का प्रयास किया तो एसडीएम ने डांट लगा दी। इस पर इन लोगों ने रुमाल और मफलर से मुंह ढकने के बाद उनसे बात की।
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