देवरनियां। ब्लाॅक दमखोदा में बाल विकास परियोजना के तहत कार्यरत आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं का मानदेय पिछले छह माह से बिना कारण बताए रोक दिया गया है। आर्थिक तंगी झेल रही वर्करों ने शनिवार को बैठक कर विरोध जताया है। अब वे डीएम से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को रखेंगी।
आंगनबाड़ी वर्करों का कहना है कि छह माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला है। मझगवां ब्लाॅक से तबादला होकर गए पूर्व सीडीपीओ भानु प्रताप सिंह आश्वासन तो देते रहे, मगर मानदेय रुकने का कारण नहीं बताया। एक सप्ताह पूर्व आए नए सीडीपीओ विष्णु पांडे भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। वर्करों का कहना है कि उन्हें मोबाइल पर पोषण ट्रैकर एप कार्य करना पड़ता है। ऐसे में मानदेय नहीं मिलने के कारण वह फोन का रिचार्ज नहीं करा पा रही हैं, जिससे पोषण ट्रैकर पर कार्य बाधित हो रहा है। इसके अलावा आर्थिक तंगी के चलते उनके बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। इस मौके पर लता इनायतपुर, रामश्री मोहनपुर, नीरज कनमन, मीरा खजुरीखेड़ा, भूप देवी खड़ारामनगर आदि मौजूद रहीं।
वहीं, सीडीपीओ दमखोदा ब्लॉक से विष्ण पांडेय ने बताया कि उन्होंने एक सप्ताह पूर्व ही ब्लाॅक के सीडीपीओ का चार्ज संभाला है। मानदेय नहीं आने की जानकारी नहीं है। जानकारी की जा रही है। संवाद