बरेली। फरीदपुर क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर चयन के लिए कूटरचित शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाने के मामले में औरंगाबाद की राजवती देवी पर रिपोर्ट हुई है। सीडीपीओ रामगोपाल की तहरीर पर पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू की है।
तहरीर के अनुसार राजवती देवी का वर्ष 2008 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर चयन हुआ था। बाद में जिला कार्यक्रम अधिकारी के पत्र के आधार पर उनके शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया गया। तहरीर में गुरुकुल विश्वविद्यालय वृंदावन मथुरा से संबंधित वर्ष 2007 की हाईस्कूल समकक्ष परीक्षा के अंकपत्र के सत्यापन के संबंध में अभिलेख के फर्जी मिलने की पुष्टि हुई। जिला प्रशासन के स्तर से हुई जांच के बाद सीडीपीओ ने फरीदपुर थाने में कार्रवाई के लिए तहरीर दी। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि आरोपों की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि और उनकी विधिक स्थिति का निर्धारण विवेचना में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।