मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर 15 दिन से सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उग्र हो गईं। कार्यकर्त्रियां कचहरी परिसर की पानी की टंकी पर चढ़ गईं। सूचना पर पहुंची महिला पुलिस ने पहले तो उन्हें टंकी से नीचे उतारा। महिला पुलिस के धमकाने से पुष्पा आर्या बेहोश हो गईं। आरोप है कि महिला पुलिस उनको पीटतेे हुए कोतवाली ले गई। तबसे उनका मोबाइल स्विच ऑफ है। कार्यकर्त्र्यों ने आज से पुलिस के इस रवैये के खिलाफ आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी एसोसिएशन और आंगनबाड़ी कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़ी कार्यकर्त्रियां मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर 15 दिन से सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में प्रदर्शन कर रही हैं। शुक्रवार को बड़ी संख्या में इस गुट की कार्यकर्त्रियां कचहरी परिसर पहुंच कर हंगामा करने लगीं। ममता मौर्य, रानी गंगवार, शशि बाला, पुष्पा आर्या आदि कार्यकर्त्रियां सहयोगी राजेंद्र के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गईं और आत्महत्या की धमकी देने लगीं। सुबह 11 से एक बजे से तक कार्यकत्रियों का हाईवोल्टेज ड्रामा चला। महिला पुलिस ने पहले टंकी पर चढ़ी कार्यकर्त्रियों को चेतावनी दी। पुलिस के डांटने पर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष पुष्पा आर्या बेहोश हो गईं। महिला पुलिस उनका मोबाइल कब्जे में लेकर थाने ले गई। बाकी कार्यकर्त्रियों को भी डंडे के जोर से तितर बितर कर दिया गया। धरना प्रदर्शन करने वालों में महारानी, रीता सोनी, रजनी, रानी गंगवार, पूनम रस्तोगी आदि शामिल थीं।