रामगंगा के किनारे जुटे ग्रामीण
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ग्रामीणों की आस्था का केंद्र था मंदिर
बुधवार सुबह पूजा-अर्चना और मंदिर की स्थिति देखने पहुंचे ग्रामीणों को मौके पर मंदिर का कोई अवशेष दिखाई नहीं दिया। इससे ग्रामीणों में मायूसी छा गई। ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर लंबे समय से गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र था और यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती थी।
ग्रामीणों ने रामगंगा के लगातार हो रहे कटान पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि समय रहते कटान रोकने के प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए तो नदी किनारे स्थित अन्य स्थानों और आबादी पर भी खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल नदी की कटान जारी है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।