दरोगा के लौटने के बाद थाना अध्यक्ष खुद पहुंचे
ग्रामीणों की सूचना पर हल्का दरोगा मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पुजारी को मामले को आगे न बढ़ाने की हिदायत दी और वहां से लौट गए। थाना अध्यक्ष को हडि्डयां मिलने तक की बात नहीं बताई। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने थाना अध्यक्ष देवेंद्र सिंह को फोन कर हल्का दरोगा द्वारा कही गई बात और अस्थियां मिलने की जानकारी दी। ग्रामीणों के अनुसार हल्का दरोगा ने थाना अध्यक्ष को अस्थियां मिलने की जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद थाना अध्यक्ष खुद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने ग्राम प्रशासक धर्मपाल, पुजारी लालाराम, भूपराम, दिनेश चंद्र, अमित कुमार, प्रवेश, लेखराज, नंदराम, शंकर लाल, पाती राम, जगदीश, भगवान दास, सुरेंद्र सिंह, रामकिशोर, जयेंद्र पाल, प्रेमपाल, ज्ञान सिंह और गुड्डू के हस्ताक्षरयुक्त लिखित शिकायती पत्र पुलिस को दिया। ग्रामीणों ने घटना का जल्द खुलासा करने और दोषियों को पकड़कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
कांवड़िये मंदिर में करते हैं जलाभिषेक
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का यह सबसे पुराना शिव मंदिर है। सावन में शिव भक्त गंगाजल लाकर इसी मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर से शिव परिवार की मूर्तियां हटाए जाने की घटना से ग्रामीणों में रोष है। वहीं, अस्थियां घरों के बाहर मिलने से भी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाकर जांच शुरू कर दी है। मीरगंज के सीओ अजय कुमार ने बताया कि घटना में शामिल लोगों को पकड़कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।