बरेली। शासन ने रामगंगा नदी के किनारे 160 गांवों को फ्लड प्लेन जोन घोषित किया है। यह निर्णय सौ वर्ष की बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए है। इन क्षेत्रों में भविष्य में कोई नया निर्माण, टाउनशिप या नगर निगम/पालिका में शामिल नहीं किया जाएगा। नदी किनारे के गांवों का सीमांकन कराने के लिए 300 पिलर लगाए जाएंगे।
शासन ने छह अप्रैल को सौ वर्ष के रिटर्न पीरियड की बाढ़ के आधार पर इस जोन को स्वीकृति दी। पिलर लगने के बाद निर्माण कार्यों पर रोक लग जाएगी। मुरादाबाद बाढ़ खंड ने नेशनल इंस्टीट्यूट हाइड्रोलॉजी रुड़की से प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कराई थी। इसमें तहसील सदर, मीरगंज और फरीदपुर के 160 गांवों को शामिल किया गया था।
बरेली बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार लांबा ने यह रिपोर्ट जिला पर्यावरण समिति में प्रस्तुत की। जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद इसे शासन को भेजा गया। विशेष सचिव कुलदीप श्रीवास्तव का पत्र मिलने के बाद अधिकारियों ने पिलर लगाने की तैयारी की। अभियंता लांबा ने बताया कि 300 पिलर लगाए जाने हैं, जो कहीं 100 मीटर तो कहीं 400 मीटर दूर तक लगेंगे। निविदा आमंत्रित की गई थी, पर किसी एजेंसी ने रुचि नहीं दिखाई। अब दोबारा निविदा की तैयारी है।