कैंट थाने में पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट, पुलिस तलाश में जुटी
बरेली। शराब बनाने के लिए माफिया को एलपीजी सिलिंडर न देने पर गैस एजेंसी संचालिका का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। माफिया और उसके साथियों ने गैस एजेंसी में तोड़फोड़ भी की। गांव वालों के आने पर भाग निकले। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कैंट पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
शहर के मोहल्ला कुंवरपुर की अंजू सिंह पुत्री महेंद्र पाल सिंह की गांव बुखारा में इंडेन गैस एजेंसी है। अंजू के मुताबिक, रविवार शाम पांच बजे एजेंसी पर मिर्जापुर निवासी राजा उर्फ जितेंद्र अपने साथियों चौबारी के विष्णु, रवि, शैलेंद्र और एक अन्य के साथ गैस सिलिंडर लेने आया। उन्होंने स्टॉक में गैस न होने के कारण मना कर दिया तो वह आग बबूला हो गया। अंजू के मुताबिक ये लोग उनके ऑफिस में घुस आए और गालीगलौज करने लगे। विरोध करने पर जान से मारने की नीयत से गला दबा दिया। शोरशराबा सुनकर ग्रामीण इकट्ठे हुए तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। अंजू की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शराब बनाने के धंधे में उतरे खनन माफिया
बभिया का विष्णु अभी तक खनन का धंधा करता था। पाताराम की हत्या के बाद पुलिस की सख्ती से धंधा धीमा पड़ा तो उसने अवैध शराब बनाने का काम शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर कैंट धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 15 दिन पहले यूपी-112 पर विष्णु के हिस्ट्रीशीटर भाई राजेश ने सूचना दी कि विष्णु और उसके साथी मिर्जापुर रोड पर नाले के किनारे शराब बना रहे हैं। इस पर यूपी-112 ने थाना पुलिस के साथ छापा मारा, लेकिन वह हाथ नहीं आया। विष्णु आदि अंजू सिंह की एजेंसी पर शराब बनाने के लिए ही सिलिंडर लेने गए थे।