पूरनपुर से बदली गई थी कार
बड़ेपुरा गुरुद्वारे के जत्थेदार मोहन सिंह पिछले छह साल से यहां रह रहे थे। सेवादार गुरुप्रीत सिंह ने बताया कि सुबह मोहन सिंह गुरुद्वारे में थे। इसके बाद से उनका पता नहीं चल सका। अक्सर वह आसपास के गुरुद्वारों में बगैर बताए चले जाते हैं।
आशंका व्यक्त की जा रही है कि पंजाब पुलिस सुबह मोहन सिंह को पकड़ कर ले गई। इस संबंध में देर रात अमरिया पुलिस भी गुरुद्वारे गई, लेकिन बाबा मोहन सिंह नहीं मिले। सेवादार ने यह भी बताया कि जिस गाड़ी की बात की जा रही है, उसे पूरनपुर के एक गुरुद्वारे के जत्थेदार को दिया गया था। इसके बदले में दूसरी गाड़ी बाबा मोहन सिंह ने ले ली थी। गाड़ी अमृतपाल तक कैसे पहुंची, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।