बरेली। अगर आप ब्रांडेड पानी की बोतल खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं तो भी जरूरी नहीं है कि वह पूरी तरह शुद्ध हो। शहर में ब्रांडेड पानी की पैकिंग और उसमें पानी भरने की प्रक्रिया अनब्रांडेड की तरह ही है। कई जगह तो नकली ब्रांडेड बोतलें भी बड़े स्तर पर बेची जा रही हैं। इनकी सप्लाई रेलवे, समारोह और बाजारों में धड़ल्ले से हो रही है। मई-जुलाई तक पानी का कारोबार ज्यादा होता है, लेकिन विभाग ने अभियान नहीं चलाया। मंगलवार दोपहर अचानक दो स्थानों पर छापामारी की तो बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे दो प्लांट सील कर तैयार माल जब्त किया है।
बोतलबंद पानी अब सिर्फ स्टेटस सिंबल ही नहीं जरूरत बन गई है, लेकिन मिलावटखोरों ने इसे भी प्रदूषित कर दिया है। बाजार में बिक रहा बोतलबंद पानी सामान्य है या मिनरल वाटर, कुछ पता नहीं। बोतल असली है, इसकी भी कोई गारंटी नहीं होती। फिर भी इसकी मांग लगातार बढ़ी है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने मुख्यालय से ज्यादा दबाव पड़ने पर मंगलवार को छापामारी की शुरुआत हुई। जिला स्तर पर कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त बरेली मंडल संजय पांडे ने दो टीमों का गठन कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने पहला छापा बांसमंडी स्थित मैसर्स चिल एक्स आइस क्यूब एंड ड्रिकिंग वाटर प्लांट पर मारा। यहां पर अमृतधारा नाम से पाउच (300 एमएल) तैयार हो रहे थे। पानी भरने और पैकिंग करने की यूनिट काम रही थी। गंदे कमरे में यह सब काम हो रहा था। प्लांट का कोई लाइसेंस और पंजीकरण तक नहीं था। टीम ने मौके से करीब दो हजार पाउच जब्त कर और पैकेजिंग यूनिट सील कर दी। इसके साथ ही पाउच में भरने वाले पानी के नमूने भी भरे।
पुराना शहर में कांकर टोला स्थित बबलू की फ्रेश पैक्ड ड्रिकिंग वाटर यूनिट पर भी टीम ने छापा मारा। यहां भी बांसमंडी जैसी ही स्थिति थी। मौके पर 300 एमएल के 750 पाउच जब्त कर मशीन और कारखाना सील कर दिया। छापा कार्रवाई में सहायक आयुक्त के अलावा जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा, मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोवेंद्र सिंह, जिला इकाई से भगवगी प्रसाद, प्रमोद कुमार, दिवाकर, एसएसडी सचान आदि मौजूद रहे। जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा ने कहा कि जिले में अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया लिए गए सैंपल लैब में परीक्षण कराकर विधिक कार्रवाई होगी।
बरेली में भी ब्रांडेड कारोबार
बरेली में किनले और बिसलेरी के भी पेयजल पैकिंग प्लांट लगे हैं। सीबीगंज और फरीदपुर मार्ग पर यह यूनिट संचालित हैं। इसके अलावा पूरे जिले में दो सौ से ज्यादा मिनी प्लांट भी हैं, जो 10 से 20 लीटर का खुला पानी प्लास्टिक के वाटरकूलर में सप्लाई करते हैं।
दो सौ करोड़ रुपये का कारोबार
जिले में बोतलबंद और पाउच में पेयजल की बड़ी मात्रा में मांग है। यहां से आसपास के जिलों में भी सप्लाई होती है। इसके अलावा दिल्ली से भी विभिन्न ब्रांड का पानी बाजार में सप्लाई किया जाता है। समारोह, होटल, रेलवे, रोडवेज, सभी बाजार, गली मोहल्ला और हाईवे पर बोतलबंद और पाउच में पानी आसानी से मिल जाता है। कारोबारी बताते हैं कि सीजन में बरेली में हर माह दो सौ करोड़ रुपये का टर्नओवर आसानी से हो जाता है। शादी के सीजन में कारोबार का ग्राफ काफी ऊंचा रहता है। गांवों में होने कार्यक्रमों में पाउच की मांग रहती है। मेलों में भी इसकी खूब बिक्री होती है।