बरेली। पश्चिमी बंगाल की जेल से जमानत पर छूटे साइबर ठगी के आरोपी बिशारतगंज निवासी अमरीश गोस्वामी ने ऐसा स्वांग रचा कि अफसर भी गच्चा खा गए। पहले उसने खुद को बेचारा दिखाकर साथियों पर साइबर ठगी की रिपोर्ट लिखाई, फिर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाकर वीडियो वायरल कर दिया। हुगली पुलिस से तस्दीक के बाद स्थिति साफ हुई है।
बृहस्पतिवार दोपहर एसएसपी दफ्तर पहुंचे अमरीश गोस्वामी ने बताया कि उसने शहबाजपुर गांव में कुछ साल पहले राशिद अहमद की बिल्डिंग में क्लीनिक खोला था। राशिद का भतीजा समीर भी वहां आता था। समीर ने उससे दोस्ती कर ली और मूर्ति पूजा को गलत बताकर अल्लाह की इबादत करने के लिए कहने लगा। धीरे-धीरे समीर ने अमरीश का ब्रेनवॉश कर दिया। समीर उसे मस्जिद ले गया और धर्म परिवर्तन करवाकर कलमा व नमाज पढ़वाई।
अमरीश के मुताबिक उसे मांस भी खिलाया गया। समीर ने अमरीश का नाम डॉ. रजा रख दिया था। इस नाम से यूट्यूब चैनल भी बना दिया। समीर अमरीश को कैंट के उड़ला जागीर निवासी शाहिल से मिलवाने ले गया। दोनों 22 फरवरी को अमरीश को ऑनलाइन व्यापार कराने के बहाने मुंबई ले गए। वहां दोनों ने आसिफ खान और अनस कुरैशी से मिलवाया।
इन लोगों ने अमरीश के आधार कार्ड का पता बदलवाया और उसके जरिये 14 बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का संचालन इन लोगों ने अपने पास रख लिया। थोड़े रुपये देकर अमरीश को घर भेज दिया। अमरीश के मुताबिक, अब इन लोगों से दूर होने पर उसे अपने साथ हुए धोखे का अहसास हो रहा है।
अमरीश ने तीन दिन पहले एसएसपी से मिलकर दूसरे समुदाय के दोस्तों पर ठगी का आरोप लगाया था। एसएसपी के आदेश पर बिशारतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हालांकि, उस वक्त अमरीश ने धर्म परिवर्तन का आरोप नहीं लगाया था।
साइबर ठगी में हुआ अमरीश के खातों का इस्तेमाल
बिशारतगंज थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि अमरीश ने रिपोर्ट कराई तो उन्होंने हुगली पुलिस से बात की। पता लगा कि अमरीश के 14 बैंक खाते मुंबई में खुले थे। उनसे देश में कई लोगों से की गई साइबर ठगी की रकम निकाली गई। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में साइबर क्राइम थाने में ठगी की रिपोर्ट लिखी गई तो दोस्तों के संग अमरीश को भी नामजद किया गया। जांच में पुष्ट खातों के डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर बरेली से गहने खरीदे गए थे। तब हुगली साइबर पुलिस ने अमरीश को ट्रेस कर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। वह तीन महीने तक हुगली के पास चंदौर नगर जेल में रहा। हाल ही में वह जमानत पर छूटा है। उसे लगा कि वह अकेला ही जेल चला गया, जबकि उसके साथी बाहर मौज ले रहे हैं। हालांकि, अमरीश को नहीं पता कि उसके एक और साथी आसिफ को हाल ही में हुगली साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। ब्यूरो
पश्चिमी बंगाल की हुगली पुलिस से संपर्क किया गया है। पता लगा कि अमरीश और उसके साथी साइबर ठगी के आरोपी हैं। वहां से विवेचना व जांच रिपोर्ट की प्रति मंगाई जा रही है। अगर अमरीश भी दोषी मिला तो उसी के हिसाब से आगे कार्रवाई की जाएगी। धर्म परिवर्तन के आरोप भ्रामक लग रहे हैं, हालांकि जांच की जा रही है। - अंशिका वर्मा, एसपी दक्षिणी