बालटाल में फंसे बरेली के 30 अमरनाथ यात्री दहशत के साए से निकलकर सोमवार दोपहर सुरक्षित जम्मू पहुंच गए। उन्हें सेना ने कड़ी सुरक्षा में दंगाग्रस्त इलाके से बाहर निकाला।
सपा नेता बृजेश श्रीवास्तव और दवा व्यापारी महेशचंद्र गुप्ता ने बताया कि वे पांच जुलाई को अमरनाथ यात्रा पर घर से निकले थे। आठ तारीख को अमरनाथ पहुंचकर दोपहर करीब दो बजे बाबा बर्फानी के दर्शन किए। उसी शाम को लौटकर बालटाल पहुुंचे तो आतंकी बुरहान और श्रीनगर में दंगा होने का पता चला और दो दिन तक वहीं फंसे रहे। रविवार रात आठ बजे अमरनाथ यात्रियों को बालटाल से निकाले जाने का पता चला तो अफरा-तफरी मच गई। हर कोई वहां से पहले निकलने की कोशिश में था। बालटाल से करीब दो किलोमीटर दूर गेट नंबर दो पर बने टैक्सी स्टैंड पर भीड़ उमड़ी तो टैक्सी वाले जम्मू तक का दस गुना तक किराया वसूल रहे थे। बरेली के सभी 30 अमरनाथ यात्री रात में करीब एक बजे टैक्सी में जम्मू के लिए रवाना हुए। यात्रियों की 40-50 टैक्सियों के साथ आगे-पीछे सेना की पांच-छह गाड़ियां चल रही थीं। रास्ते में श्रीनगर, मोनमर्ग, अनंतनाग समेत पूरे दंगाग्रस्त इलाके में सेना के जवान मुस्तैद थे। फिर भी हर यात्री बुरी तरह दहशत में था। विशेषकर बस्ती के आसपास। रोड पर ईंट-पत्थर, टूटे कांच के टुकड़े, टीगार्ड, कंटीले पड़े थे। कदम-कदम पर खतरा महसूस हो रहा था। टैक्सी चालक से पता चला कि दंगाइयों के हमला करने पर सेना के जवान भी भाग जाते हैं। इसकी वजह एक यह भी है कि फोर्स को गोली चलाने का आदेश नहीं है। इसके बाद तो मौत सामने नजर आने लगी। करीब तीन घंटे का सफर तय करने के बाद रात में चार बजे चालक ने टैक्सी एक भंडारा स्थल पर रोकी। चालक ने बताया कि यहां कोई खतरा नहीं। दंगाग्रस्त इलाका निकल चुका है। कहीं तब जाकर सबकी जान में जान आई। सोमवार को बरेली के 30 यात्री सुरक्षित कटरा (जम्मू) पहुंच गए।
दोनों विधायक आज आएंगे
श्रीनगर में फंसे बरेली के दोनों विधायक मंगलवार शाम तक बरेली पहुंचेंगे। वहां फरीदपुर विधायक डॉ. सियाराम सागर और भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम ने सोमवार को अपने परिजनों और सपा नेताओं से बात की। पूर्व विधायक इस्लाम साबिर ने बताया कि शहजिल से सुबह बात हुई थी, वह मंगलवार शाम तक बरेली लौट रहे हैं।