एनकाउंटर के बाद शूटरों की आवभगत करने वाला दोनों होटलों का स्टाफ सन्न
बरेली। दोनों होटलों में रुकने वाले चारों शूटरों की जानकारी व इनमें से दो की एनकाउंटर में मौत की जानकारी से होटल स्टाफ सन्न है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने होटलों का जायजा लिया तो पता लगा कि प्रबंधन से लेकर कर्मचारी तक सकते में हैं।
प्रीत पैलेस होटल में मुख्य शूटर रविंद्र को पानी व तौलिया देने वाला कर्मचारी अमन दूसरे दिन भी घबराहट में दिखा। प्रबंधक के कहने पर उसने हमारी टीम को होटल की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर नौ दिखाया, जिसमें रविंद्र करीब 24 घंटे रुका था। अमन ने बताया कि उन दिनों शहर में प्रतियोगी परीक्षा के लिहाज से काफी अभ्यर्थी आए थे। उसने रविंद्र को अभ्यर्थी ही समझा। वह बेहद शांत और सीधा लग रहा था। वह करीब बीस मिनट तक रिसेप्शन पर रहा और रुकने की वजह (रेस्ट) विश्राम लिखवाया।
बताया कि रविंद्र कई बार निकलकर बाहर गया। बाहर से ही वह खाना और केले आदि लाया। उसके बार-बार आने-जाने पर अमन ने उसे टोका भी कि आपको परेशानी हो रही है तो बता दीजिए। वह सब लाकर दे देगा। हालांकि, रविंद्र ने मुस्कराकर टाल दिया था। पुलिस के मुताबिक रात में कमरे पर लौटे रविंद्र ने नशा भी किया था। नशे की वजह से वह लॉक नहीं खोल पा रहा था, तब स्टाफ ने उसकी मदद की थी।
वहीं हिंद गेस्ट हाउस के संचालक शाहिद भी परेशान से दिखे। बताया कि उन्हें पता नहीं था कि रुकने वाले कौन हैं? सभी ने अपने चेहरे से मिलते हुए फोटो की आईडी दी तो वह कमरा देने से मना न कर सके। हालांकि, तीन दिन बाद से ही पुलिस की जाने कितनी टीमें उनसे पूछताछ कर चुकी हैं। ब्यूरो