मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भले ही डायल-100 सेवा का लोकार्पण करने पुलिस लाइन नहीं पहुंच पाए। लेकिन सीएम के लिए बनाए गए मंच पर भी सपा नेताओं की आपसी खींचतान नजर आई। वीरपाल सिंह यादव समेत संगठन के अधिकांश पदाधिकारियों को पहले ही मुख्यमंत्री के न आने की बात पता चल गई। इसी वजह से मंच पर डेढ़ बजे के बाद पहुंचे।
सीएम के लिए बड़ा मंच बनाया गया था। शासन और पुलिस के कई बड़े अफसर सीएम के साथ आने वाले थे। ऐन वक्त पर सीएम के न आने से ज्यादातर सपाई मंच पर पहुंच गए। हालांकि बुजुर्गों और कुछ युवा नेताओं को मंच का पास नहीं मिल पाया जिससे उनको वीआईपी गैलरी में बैठना पड़ा। मेयर डा. आईएस तोमर, पूर्व सांसद सर्वराज सिंह, विधायक भगवतसरन गंगवार, अताउर्रहमान, शहजिल इस्लाम, सियाराम सागर, एमएलसी डा. वसीम बरेलवी, संजय कुमार मिश्र और पूर्व विधायक महिपाल सिंह मौजूद थे। शिवपाल और अखिलेश समर्थक साफ तौर पर नजरें छुपाकर निकल रहे हैं। बुजुर्ग खुद को मुलायम, शिवपाल और अखिलेश सबको अपना नेता मान रहे थे जबकि युवा सीएम के खुलकर समर्थन में अबकी बार तीन सौ पार के नारे लगा रहे थे। वीआईपी गैलरी और पांडाल में भी सीएम समर्थक मुखर नजर आए। हर नेता अपनी-अपनी भीड़ लेकर आया था जो पांडाल में उसके और सीएम के समर्थन में नारे लगा रही थी।
कोई मंच पर पहुंचा तो कोई नीचे
पूर्व विधायक इस्लाम साबिर, डीसीबी चेयरमैन मलखान सिंह यादव, जफर बेग, भारती चौहान, अशोक यादव, शुभलेश यादव आदि नेता मंच पर थे। वहीं सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तारा सिंह सोलंकी, जिला उपाध्यक्ष अरविंद गंगवार, एमएस यादव, पूर्व प्रदेश सचिव डा. जाहिद खां, विधायक अताउर्रहमान के भाई वफाउर्रहमान, दीपक शर्मा, ब्रजेश श्रीवास्तव, राधा सोमवंशी, रेखा सिंह, कमलेश सिंह, राहुल कश्यप को नीचे पांडाल में ही जगह मिल पाई। वीरपाल के खिलाफ बिथरी से सपा का एमएलए का टिकट मांगने वाले शिवचरन कश्यप मंच तक नहीं पहुंचे। वह नीचे पांडाल में कुर्सी पर बैठे रहे।
दावत किसी की, जिंदाबाद दूसरे का
नगर निगम के पार्षदों ने सीएम आगमन से पहले डा. सत्येंद्र सिंह के घर दावत उड़ाई। मगर, सीएम आगमन पर मंच के नीचे ज्यादातर पार्षद शहर का विधायक कैसा हो, डा. अनिल शर्मा जैसा हो के नारे लगाए। पार्षद मेराज अंसारी, मोहम्मद नासिर, शमीम अहमद आदि थे।
आत्मदाह की धमकी दी
सपा अधिवक्ता सभा के पदाधिकारी सुरेंद्र यादव को पास होने के बाद भी वीआईपी गैलरी में घुसने से पुलिस ने रोक दिया। इस पर उनकी पुलिस से नोकझोंक हो गई। अधिवक्ता हंगामा करते हुए बेरीकेडिंग के पास ही लेट गए। उनके साथी बमुश्किल साथ लेकर वीआईपी गैलरी तक गए। कुर्सी पर बैठने के बाद वह सीओ और एसओ को सस्पेंड करने की मांग करने लगे। ऐसा न होने पर पांडाल में ही आत्मदाह की धमकी दी।