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Bareilly News: नदी किनारे धूप सेंकते दिखे घड़ियाल और मगरमच्छ, रेस्क्यू दल के पहुंचते ही पानी में गायब

Tue, 18 Nov 2025 05:06 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मीरगंज (बरेली)

सार

मीरगंज तहसील क्षेत्र के जौनेर गांव के करीब पीलाखार और भाखड़ा नदी के संगम पर कई दिनों से घड़ियाल और मगरमच्छ देखे जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है। मंगलवार को वन विभाग का रेस्क्यू दल नदी किनारे पहुंचा, लेकिन घड़ियाल और मगरमच्छ को पकड़ नहीं सका। 
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नदी किनारे घूप सेंकता घड़ियाल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बरेली के मीरगंज क्षेत्र में पीलाखार और भाखड़ा नदी के संगम पर घड़ियाल और मगरमच्छों की मौजूदगी ने जौनेर गांव में दहशत का माहौल बना दिया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को डीएफओ दीक्षा भंडारी के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तीन घंटे तक चले अभियान के बाद भी एक भी घड़ियाल व मगरमच्छ पकड़ में नहीं आया।

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वन विभाग की टीम जब नदी किनारे पहुंची थी, उसी समय घड़ियाल और मगरमच्छ किनारे पर धूप सेंकते दिखाई दिए। दोनों पूरी तरह स्पष्ट नजर आ रहे थे। लेकिन रेस्क्यू टीम की हलचल शुरू हुई तो घड़ियाल और मगरमच्छ तेजी से पानी में चले गए। टीम ने घंटों इंतजार किया मगर कोई सफलता नहीं मिली।

रेस्क्यू दल में डिप्टी रेंजर मुकेश कुमार, वन दरोगा छत्रपाल सिंह, फॉरेस्ट गार्ड छेदालाल, वनरक्षक ज्ञानदीप, जतिन सिंह, ललिता यादव, माली हेमराज और सुनील शामिल थे। टीम ने नदी किनारे बने संभावित ठिकानों की कई बार तलाशी ली और घड़ियाल-मगरमच्छ के दोबारा बाहर आने का इंतजार करती रही। टीम लगभग तीन घंटे तक सतर्क खड़ी रही, लेकिन घड़ियाल और मगरमच्छ फिर किनारे पर नहीं लौटे।

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नदी किनारे मौजूद रेस्क्यू टीम - फोटो : संवाद
ग्रामीणों में दहशत 
ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई दिनों से कुत्तों के गायब होने की घटनाएं बढ़ी हैं। कई लोगों ने देखा कि मगरमच्छ कुत्तों को पानी में खींचकर ले गया। नदी में घड़ियाल और मगरमच्छ होने से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और पशुपालकों ने नदी किनारे जाना बंद कर दिया है।

गांववालों ने आरोप लगाया कि वन विभाग को कई सप्ताह पहले दे दी गई थी। इसके बावजूद न तो कोई टीम भेजी गई और न ही अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण आज गांव गहरे खतरे में है। 

डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि जौनेर का इलाका संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टीम दोबारा भेजी जाएगी और नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। ग्रामीणों से नदी किनारे न जाने और पूरी सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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