नदी किनारे मौजूद रेस्क्यू टीम
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ग्रामीणों में दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई दिनों से कुत्तों के गायब होने की घटनाएं बढ़ी हैं। कई लोगों ने देखा कि मगरमच्छ कुत्तों को पानी में खींचकर ले गया। नदी में घड़ियाल और मगरमच्छ होने से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और पशुपालकों ने नदी किनारे जाना बंद कर दिया है।
गांववालों ने आरोप लगाया कि वन विभाग को कई सप्ताह पहले दे दी गई थी। इसके बावजूद न तो कोई टीम भेजी गई और न ही अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण आज गांव गहरे खतरे में है।
डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि जौनेर का इलाका संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू टीम दोबारा भेजी जाएगी और नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। ग्रामीणों से नदी किनारे न जाने और पूरी सावधानी बरतने की अपील की गई है।