दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने धौरहरा थाने के इंस्पेक्टर और एक दरोगा पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पहले से दर्ज केस में पुलिस के बुलाने पर जब वह बयान दर्ज कराने थाने गई तो उसके साथ यह घटना घटी। उसने मजिस्ट्रेट के सामने कलमबंद बयान में भी इसका उल्लेख किया है। एसपी ने दुष्कर्म मामले की विवेचना ईसानगर थाने स्थानांतरित कर दी है।
धौरहरा क्षेत्र की 17 वर्षीय किशोरी अपने माता-पिता के साथ एसपी दफ्तर पहुंची। उसने एसपी पूनम को बताया कि 26 नवंबर 2018 को वह घर पर अकेली थी। मां पड़ोस में उसके चाचा के घर गई हुईं थीं। पड़ोस का एक युवक सुबह नौ बजे तमंचा लेकर उसके घर में घुस आया और दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर मां आ गई। इसी बीच आरोपी के परिवार के अन्य पांच लोग भी आ गए, उन लोगों ने मां के सिर पर बांका मारकर घायल कर दिया। थाने गई तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी के आदेश पर पांच दिसंबर 18 को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
पीड़िता ने बताया कि इसके बाद प्रभारी निरीक्षक सुनील सिंह ने उसे बयान के लिए बुलाया था। जब वह वहां पहुंची तो दरोगा अनिल पांडेय भी मौजूद थे। आरोप है कि दोनों ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। किसी तरह से वह बच निकली। इस पर वह एसपी पूनम से मिली और पूरी बात बताते हुए विवेचना दूसरे थाना से कराने की मांग की। एसपी ने मामले की विवेचना थाना ईसानगर प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार मिश्र को सौंप दी है, लेकिन आरोपी प्रभारी निरीक्षक और दरोगा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
अब विवेचक प्रभारी निरीक्षक ईसानगर ने तीन जुलाई को पीड़िता के कलमबंद बयान मजिस्ट्रेट के सामने कराए थे। अपने बयानों में भी पीड़िता ने प्रभारी निरीक्षक सुनील सिंह और दरोगा पर अश्लील हरकत करने की बात कही है। पीड़िता ने एसपी को कोर्ट से सत्यापित बयानों की प्रति उपलब्ध कराई है। पीड़िता ने एसपी को बताया कि पुलिस ने अभी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है और वे धमका रहे हैं।
पीड़िता पेश हुई थी। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक ईसानगर कर रहे हैं। यदि आरोप सही मिलते हैं तो नामजद अभियुक्त पर कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर और दरोगा पर लगे आरोपों को भी चेक कराया जा रहा है।
-पूनम, पुलिस अधीक्षक