लीज निरस्त होने के बाद से ही प्रशासन के कब्जे में है एलन क्लब
बरेली। बंद हुए एलन क्लब को नया नाम देकर शुरू किए जाने के प्रयास भले ही अभी परवान न चढ़ पाए हों, मगर पावर कॉरपोरेशन इससे परेशान हो गया है। बंद अवधि के बिजली बिल बकाया का भुगतान कौन करेगा, इस सवाल के बीच कॉरपोरेशन ने क्लब के बंद कार्यालय की दीवार पर साढ़े तीन लाख रुपये का बिल चस्पा कर दिया है। क्लब मौजूदा समय में प्रशासन के कब्जे में है।
प्रशासन ने लीज खत्म होने के आधार पर बीते साल एलन क्लब को बंद करवा दिया था। इसके बाद यहां की बार का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया। क्लब में ताला डालकर प्रशासन ने सदस्यों की एंट्री भी बंद करा दी थी। क्लब के सदस्यों ने काफी पैरवी की लेकिन अधिकारी नहीं माने। इसके बाद क्लब के सदस्य भी मान चुके थे कि सौ साल पुराना क्लब अब लगभग खत्म हो चुका है। बीते दिनों डीएम ने यह कहकर क्लब के सदस्यों में आस जगाई कि एलन क्लब को आफिसर्स क्लब के नाम से दोबारा चलाया जाएगा। आफिसर्स क्लब की कमेटी में पदाधिकारी अफसर ही होंगे। इसमें क्लब के पुराने सदस्यों को भी शामिल कर लिया जाएगा।
यह सारी कवायद चल ही रही है कि पावर कॉरपोरेशन चिंता में आ गया। उसे इस वर्ष जनवरी में एक लाख रुपये का भुगतान मिला था, मगर इसके बाद भी 3,49,339 रुपये का बिजली बिल बकाया है। क्लब प्रशासन के कब्जे में हैं। ऐसे में परेशानी यह सामने आई कि बिल आखिर किसे थमाया जाए, कनेक्शन भी एलन क्लब के सचिव (भाजपा महानगर अध्यक्ष केएम अरोरा) के नाम है। वहीं क्लब की पुरानी कमेटी अब अस्तित्व में ही नहीं है। कुछ नहीं सूझा तो कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने बिल क्लब की दीवार पर चस्पा कर दिया। ताकि जब भी क्लब का संचालन शुरू हो तो भुगतान के लिए दावा किया जा सके।
लीज खत्म होने के साथ ही क्लब प्रशासन के कब्जे में चला गया। इसे दोबारा शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। क्लब दोबारा शुरू होने पर और कमेटी बनने के बाद ही तय हो पाएगा कि बिल कौन देगा।- केएम अरोरा, सचिव, एलन क्लब