यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने तारिक खान की याचिका पर दिया है। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान घर के मालिक हसीन खान ने अदालत के सामने बयान दर्ज कराया। बताया कि 16 जनवरी 2026 को परिवार के साथ वह घर में नमाज पढ़ रहे थे, तब पुलिस उन्हें उठाकर ले गई और उनका चालान कर दिया।
नुकसान पर राज्य सरकार होगी जिम्मेदार : कोर्ट
हाईकोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि हसीन खान या उनकी संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार माना जाएगा। इस आदेश की प्रति महाधिवक्ता कार्यालय को भेज दी जाए, ताकि पीड़ित को आज से ही सुरक्षा मुहैया कराई जा सके।