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सबके अपने-अपने महापुरुष

Sat, 16 Jul 2016 12:34 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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नगर निगम में महापुरुषों और समाजसेवियों के नाम पर पिछले समय से खूब राजनीति हो रही है। सबके अपने-अपने महापुरुष हैं। भले ही इनकी राजनीति से शहर के अमन चैन में खलल पड़ता दिखाई दे रहा है। पिछले दिनों आला हजरत के नाम पर चल रहे गेट निर्माण के विवाद के बाद प्रशासन और नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मद्देनजर सभी गेटों का निर्माण स्थगित कर रखे हैं। इसके बाद भी सावन की कांवड़ यात्रा से चंद दिन पहले हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने विभिन्न नामों से 15 गेटों निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रख दिए। हालांकि बोर्ड ने इस बार इन प्रस्तावों को स्वीकृत नहीं किया। 
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नगर निगम बोर्ड के चार साल के कार्यकाल में करीब 14 से ज्यादा मीटिंग हो चुकी हैं। इनमें बजट बैठकों को छोड़कर जितनी भी बोर्ड की सामान्य बैठकें हुईं, उनमें पार्षदों ने अपने वोट बैंक को बचाए रखने के लिए वार्ड में ठोस विकास कराने के बजाय धर्म जाति या संप्रदाय के आधार पर जनता को उकसाने के लिए किसी न किसी महापुरुष के नाम का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में लगा दिया। चूंकि बोर्ड की बैठक में धारा 91 (2) में अधिकांश प्रस्ताव आखिरी में जल्दबाजी में स्वीकृत किए जाते हैं। नगर निगम बोर्ड ने कलीम अंसारी की स्मृति में वीर अब्दुल हम्मीद गेट, एजाज नगर गौंटिया में मदीना शाह की मजार के निकट शहीद जावेद द्वार, रोहिली टोला में मदीना शाह इमामबाड़े के निकट नज्जू खां, बुसंद खां और हाफिज रहमत खां द्वार, सिटी सब्जी मंडी में भगवान वाल्मीकि द्वार, मौला नगर और सुख्रे की तकिया में भी दो गेट निर्माण समेत नेताजी सुभाषचंद बोस, संत गाडगे, महाराजा अग्रसेन, हाजी मोहम्मद तौफीक, डा. राम मनोहर लोहिया, भाजपा नेता सुधीर जैन, महारानी लक्ष्मीबाई द्वार, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री, राहे आला हजरत समेत विभिन्न नामों से स्मृति द्वार निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृत कर दिए। हालांकि बजट के अभाव में आला हजरत गेट को छोड़कर अन्य किसी भी गेट का निर्माण नहीं किया गया। इसके बाद भी अब तक कोई ये बताने को तैयार नहीं है कि ऐसे प्रस्ताव बोर्ड में आकर कैसे स्वीकृत हो गए। हालांकि आला हजरत गेट निर्माण पर उठेविवाद के बाद सभी प्रस्ताव स्थगित कर दिए गए हैं लेकिन जब भी बोर्ड से स्वीकृत इन प्रस्तावों पर गेट निर्माण का काम शुरू होगा तो ये बड़े लड़ाई झगड़े की वजह बनेंगे। 

‘बोर्ड की बैठक में इस बार भी विभिन्न नामों से गेट निर्माण के प्रस्ताव लाए गए थे। ऐसे सभी प्रस्तावों को स्थगित कर दिया गया है। विवादित मामले पर निर्णय आने से पहले नगर निगम से कोई भी नया गेट नहीं बनाया जाएगा।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त 
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