रिपोर्ट पर टिकी है शहर की किस्मत
शहर में इन दिनों टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड (टीसीई) की केंद्रीय टीम डेरा डाली हुई है। तीन दिन के दौरे के बाद टीम लौटेगी। टीसीई की टीम रिपोर्ट बनाकर इसे दिल्ली भेजेगी। इसमें जनता से भी बातचीत के अलावा कूड़ा निस्तारण और डलावघरों के मौजूदा हालात भी शामिल होंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही विकास कार्यों को लेकर केंद्र की ओर से निर्णय लिए जाएंगे।
इन कामों से चमकेगा शहर
- कूड़ा उठान के साथ उपयोगी व अनुपयोगी कूड़े के निस्तारण के लिए मैटीरियल रिसीव फैसिलिटी को अत्याधुनिक करना।
- वार्डों में सौर ऊर्जा आधारित कचरा निस्तारण प्लांट की स्थापना।
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत कूड़ा निस्तारण सेवाओं के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली
- नाथ कॉरिडोर में पुष्प एवं नारियल अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र की स्थापना
- शहर के नाले नालियों में मैकेनिकल बार स्क्रीन की व्यवस्था।
- डलावघर को खत्म कर नये एमआरएफ सेंटर विकसित होंगे।
ठोस कचरा प्रबंधन की प्लानिंग को परखने विदेश से आएगी टीम
ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर तैयार की गई प्लानिंग पर केंद्र सरकार नजर बनाए हुए है। केंद्र से आई टीम सर्कुलर इकोनॉमी योजना को तैयार कर रही है। प्लानिंग और रिपोर्ट तैयार होने के बाद विदेशी विशेषज्ञ भी शहर आकर प्लानिंग को परखेंगे। सिटीज 2.0 परियोजना के तहत 2037 तक के लिए सर्कुलर इकोनॉमी आधारित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना तैयार करने में अधिकारी लगे हुए हैं। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि टीसीई व एनआईयूए की टीमों ने अधिकारियों के साथ शहर का सर्वे किया है। आगे की प्लानिंग रिपोर्ट भी उसी के आधार पर तैयार की जा रही है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सिटीज 2.0 का कार्य जल्द ही शुरू होंगे। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर एएमसी को नामित किया गया है। निर्देशों के आधार पर आगे के कार्य किए जाएंगे।