बरेली। चीन में फैल रही निमोनिया संदिग्ध लक्षण वाले एवियन फ्लू का फिलहाल प्रदेश में कोई मरीज नहीं मिला है पर एहतियातन जांच और निगरानी के दिशानिर्देश जारी हुए हैं। सांस संबंधी बीमारियों में संदिग्ध लक्षण नजर आने पर सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने के निर्देश हैं। केंद्र सरकार से जारी अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग का इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) सेल सक्रिय हो गया है।
आईडीएसपी ने सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को नोटिस जारी कर कहा है कि श्वसन संबंधी संक्रमण यानी सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (एसएआरआई) और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के मरीजों की रिपोर्ट आईडीएसपी को उपलब्ध कराएं। एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक जिन मरीज में ये दोनों संक्रमण के लक्षण होंगे, उनकी आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी।
बताया कि शासन ने निमोनिया और सांस संबंधी रोगों से ग्रसित मरीजों की निगरानी के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। अपील की है कि अगर परिजन या पड़ोस के किसी व्यक्ति में संभावित लक्षण नजर आएं तो देरी न करें। तत्काल डॉक्टर को दिखाएं ताकि उचित इलाज मिले।
सांस लेने में होती है दिक्कत, मास्क लगाएं
फिजिशियन डॉ. पवन कपाही के मुताबिक आईएलआई और सारी की चपेट में बच्चे और बुजुर्ग जल्द आते हैं। हालांकि, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से युवा भी चपेट में आ सकते हैं। फ्लू से निमोनिया के साथ सांस लेने में दिक्कत होती है। यह संक्रामक बीमारी है लिहाजा, मास्क लगाने से बचाव हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीकू और एनआईसीयू में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं।
ऐसे करें बचाव
-तरल पदार्थ जैसे जूस, पानी, सूप का अधिक सेवन करें।
- शरीर में दर्द, तेज बुखार होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- बुखार होने पर आराम करें और कठिन कार्य करने से बचें।
- मादक पदार्थ से बचें। जुकाम होने पर सुबह-शाम भाप लें।
- सफाई का ध्यान रखें और बार-बार अपने हाथ को धाेते रहें।
- खांसते और छींकते समय मुंह पर टिश्यू या कपड़ा लगाएं।