बरेली। शराब लिवर के लिए धीमा जहर है। अव्यवस्थित खानपान और जीवनशैली भी लिवर की सेहत पर भारी पड़ रही है। कम उम्र में ही फैटी लिवर (जिगर पर वसा जमा होना) की समस्या सामने आ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, शारीरिक गतिविधि में कमी, पिज्जा-बर्गर आदि फास्ट और जंक फूड का सेवन, मोटापा, शुगर और हाई कोलेस्ट्रॉल भी इसकी वजह बन रहे हैं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक, आमतौर पर जो लोग शराब का सेवन नहीं करते उन्हें लिवर खराब होने की चिंता से मुक्त होने की बात कही जाती है। यही चूक भारी पड़ती है। बच्चे जो शराब नहीं पीते, उनमें फैटी लिवर की समस्या से पता चलता है कि शराब मुख्य कारक हो सकता है पर इसके अलावा अन्य वजहें भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
शराब का सेवन न करने वाले लोगों की जांच में मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, जंक और फास्ट फूड का सेवन समेत प्रोटीन स्टेरॉयड का बगैर परामर्श सेवन का दुष्प्रभाव लिवर पर होने की बात सामने आती है।
इसके अलावा अगर शारीरिक गतिविधि में कमी हो तो भी लिवर में चर्बी जमा होने लगती है। बताया कि लगातार वजन बढ़ना, थकान रहना, पेट में भारीपन, ऐंठन के साथ भूख में कमी हो या पीलापन दिखे तो लिवर जांच करानी चाहिए।
बगैर परामर्श न लें दवाएं, पौष्टिक आहार खाएं
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अजय मोहन के मुताबिक लिवर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए वजन को नियंत्रित रखना चाहिए। शराब को कम करें या बिल्कुल छोड़ दें। साबुत अनाज, दाल, मौसमी सब्जियों, फल आदि का सेवन करें। हेपेटाइटिस बी, सी रोधी टीका लगवाएं। दवाओं का सेवन परामर्श पर करें। प्रतिवर्ष एक बार स्वास्थ्य की जांच कराएं। पानी का भरपूर सेवन करें ताकि विषाक्त पदार्थ शरीर में न ठहरें।