कड़ाके की सर्दी में ठिठुर रहे लोगों के लिए नगर निगम की ओर से जलवाए जा रहे अलाव कम पड़ रहे हैं। लोग अलाव की तादाद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच बसपा नेता रहे सुधीर मौर्य ने मेयर को फोन कर अपने घर पर अलाव के लिए लकड़ियां भिजवाने की मांग कर डाली। इस पर उनकी मेयर से नोकझोंक हो गई। मेयर ने बताया कि अलाव की लकड़ी गरीब जनता के लिए सार्वजनिक स्थानों पर भिजवाई जाती है न कि घरों में। युवा लोधी शक्ति मंच समेत कई सामाजिक संगठनों के लोग देर शाम आलमगिरीगंज चौराहे पर अलाव की मांग लेकर मेयर हाउस पहुंचे लेकिन मेयर नहीं मिले। शिवसेना की महानगर इकाई ने भी चौराहों पर अलाव जलाने को ज्ञापन भेजा। आल इंडिया अंजुम राइने के सदर कुतुबद्दीन ने भी डीएम को ज्ञापन भेजा है।
...अब कैसे जल पाएंगे अलाव
नगर निगम ने शहर में अलाव जलवाने के लिए दो हजार क्विंटल लकड़ी का ठेका दिया है। इंजीनियरों पर यकीन करें तो अब तक जलने वाले अलावों में 13 सौ क्विंटल लकड़ी खर्च हो चुकी है। एक्सईएन सतीश कुमार के मुताबिक प्रत्येक पार्षद को पांच-पांच क्विंटल लकड़ी दे दी गई। दोनों जोन में दो सौ से ज्यादा अलाव के प्वाइंट बना दिए गए हैं। अब मात्र सात सौ क्विंटल लकड़ी बची है। इतनी लकड़ी से कितने दिन अलाव जलेंगे।
अलाव के प्वाइंट कम करने और लकड़ी आपूर्ति पर अफसरों से बात करेंगे। अलाव की व्यवस्था को जल्द प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। तभी यह मसला हल हो पाएगा। -डा. आईएस तोमर, मेयर