फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: मेट्रो की उम्मीदों पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने फंसाया पेच

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। शहर में मेट्रो दौड़ाने की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए डिपो के लिए अपनी 20 हेक्टेयर जमीन देने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में अब बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) दूसरी जगह जमीन की तलाश करने में जुट गया है। शहर में 21.5 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर और अलग-अलग जगहों पर 11 स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना पर साढ़े चार हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
विज्ञापन

शहर में मेट्रो दौड़ाने के लिए रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) की ओर से डीपीआर तैयार की गई है। इसमें रूट के साथ ही एक डिपो भी प्रस्तावित है। इस डिपो के लिए 20 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। पहले यह जमीन आरवीआरआई के निकट देखी गई थी। जमीन फाइनल करके फाइल स्वीकृति के लिए गई तो आरवीआरआई ने मना कर दिया। इसके बाद बीडीए ने एयरपोर्ट से लगी जमीन फाइनल की।
पहले चरण में बीडीए और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच हुई बैठक में सहमति बनती दिखी, लेकिन बाद में मामला सुरक्षा कारणों के चलते मामला फंसता गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी को मेट्रो के लिए बनने वाले ट्रैक की ऊंचाई के साथ वहां आमजन का आवागमन बढ़ने पर भी आपत्ति है। इसे लेकर दो-तीन बैठकें हुईं, लेकिन निष्कर्ष नहीं निकल सका।
विज्ञापन

पिछले माह भी बीडीए के अधिकारियों ने सहमति बनाने की कोशिश की थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। अब बीडीए दूसरी जगह जमीन तलाश रहा है। अगर डिपो का स्थान बदलता है तो राइट्स को डीपीआर में भी तब्दीली करनी पड़ेगी, जिसमें वक्त लगेगा।
दो रूट हैं प्रस्तावित
ब्लू लाइन कॉरिडोर : बरेली जंक्शन से शुरू होकर चौकी चौराहा, गांधी उद्यान, सेटेलाइट, बीसलपुर चौराहा, रुहेलखंड यूनिवर्सिटी और फन सिटी तक होगा। इसकी लंबाई 12.5 किलोमीटर रहेगी।
रेड लाइन कॉरिडोर : चौकी चौराहे से शुरू होकर अय्यूब खां चौराहा, कुतुबखाना मार्केट, डीडीपुरम, आईवीआरआई, रुहलेखंड यूनिवर्सिटी और फन सिटी तक बनाया जाएगा। इसकी लंबाई नौ किमी होगी।
कोट
डिपो के लिए जमीन तय नहीं हो पाई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सुरक्षा कारणों से आपत्ति जताई है। डिपो के लिए जगह तय होने के बाद ही डीपीआर बीडीए को सौंपी जाएगी। बीडीए ही इसे शासन को भेजेगा। - पीके सिंह, संयुक्त महाप्रबंधक, राइट्स
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें