रक्षा जनसंपर्क अधिकारी शांतनु के मुताबिक, सारंग टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव से उड़ान भरती है। पायलट बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए तालमेल, सटीकता और अनुशासन का प्रदर्शन करते हैं। इन करतबों के लिए पायलटों को अभ्यास के साथ उच्च स्तरीय कौशल और समन्वय की जरूरत होती है।
विद्यार्थियों और युवाओं के लिए होगा आकर्षण का केंद्र
एयरफोर्स स्टेशन परिसर में प्रदर्शन विद्यार्थियों, युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। इससे उन्हें विमानन, विज्ञान, स्वदेशी रक्षा तकनीक को समझने का मौका मिलेगा। सैन्य सेवा में कॅरिअर बनाने के इच्छुक युवाओं को प्रेरणा भी मिलेगी। शांतनु ने बताया कि वर्ष 2003 में स्थापित सारंग टीम ने देश-विदेश में कई एयर शो में भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व किया है। टीम का नाम संस्कृत के शब्द ‘सारंग’ पर आधारित है, जिसका अर्थ मोर होता है। रंगीन हेलिकॉप्टरों और सधे हुए हवाई करतबों की वजह से टीम की अलग पहचान है।