सामान्य बीमारी से मृत फरीदपुर के युवक का शव कोरोना से मरे लोगों के बीच रखा
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मोहल्ले में आम हुई जानकारी तो अंतिम संस्कार में शामिल होने से पीछे हटे लोग
फरीदपुर (बरेली)। दिल्ली में एम्स के स्टाफ की लापरवाही ने फरीदपुर के एक परिवार का सदमा दोहरा कर दिया। सामान्य बीमारी से मृत इस परिवार के 18 वर्षीय युवक का शव उन्होंने कोरोना से मरे लोगों के साथ रख दिया। युवक के ही परिवार के जरिये जब इसकी जानकारी और लोगों तक आम हुई तो दहशत में आने के बाद उन्होंने युवक के अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया।
फरीदपुर के मोहल्ला भूरे खां गौंटिया में एक युवक गंभीर रूप से बीमार था। एक दिन पहले उसे दिल्ली ले जाकर एम्स में भर्ती कराया गया था जहां रात करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई। परिवार वालों के मुताबिक युवक का शव एम्स की उसी मोर्चरी में रख दिया गया जहां कोरोना से मरने वालों के कई शव रखे हुए थे। युवक के परिवार को इसका पता लगा तो उनकी एम्स के स्टाफ से काफी नोकझोंक भी हुई। सुबह करीब छह बजे दिल्ली से शव लेकर वे फरीदपुर पहुंचे। एम्स में हुई लापरवाही की बात उन्होंने मोहल्ले में दूसरे लोगों से साझा की तो दहशत फैल गई। मोहल्ले वालों ने अंतिम संस्कार में आने से इनकार कर दिया। करीब साढे़ आठ बजे परिवारवालों ने शव को सामान्य ढंग से सुपुर्दे खाक कर दिया। संवाद