बरेली। मंडल में खाद की ओवर रेटिंग की लगातार शिकायतें कमिश्नर के पास पहुंच रही है। किसानों की शिकायतें हैं कि खाद की किल्लत दिखाकर खाद के मनमाने रेट वसूल किए जा रहे हैं। कमिश्नर ने इस पर शिकंजा कसने के लिए मंडल के सभी डीएम से टीमें बनाकर चेकिंग करने और ओवर रेटिंग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे दिए हैं।
धान, गन्ना सहित दूसरी फसलों के लिए इस समय बड़े पैमाने पर खाद खासकर यूरिया की जरूरत है, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी और दुकानदार मिलकर खाद का संकट पैदाकर किसानों से यूरिया की बोरी पर डेढ़ से दौ सौ रुपये ज्यादा वसूल कर रहे हैं। ऐसे में गरीब किसानों का शोषण हो रहा है लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी खाद माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बरेली में भी ओवर रेटिंग की तमाम शिकायतें मिलने के बावजूद कृषि विभाग ने बड़े स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इस मामलेे में कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने मंडल के चारों जिलों के डीएम को अधिकारियों की संयुक्त टीमें बनाकर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। कमिश्नर का साफ कहना है कि कालाबाजारी में लिप्त दुकानदारों पर एफआईआर दर्ज हो।
बोर्ड पर न स्टॉक लिख रहे और न रेट
खाद की दुकानों पर विक्रेता बोर्ड पर न तो स्टॉक और न ही खाद के रेट दर्ज कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने नवाबगंज के मैसर्स जय विजय एग्रो ट्रेडिंग कंपनी की जांच की थी। उनकी दुकान बाहर बोर्ड पर स्टॉक और खाद के रेट दर्ज नहीं थे। उर्वरक स्टॉक और पंजिका भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा तमाम अन्य गड़बड़ियां मिलने पर जिला कृषि अधिकारी ने विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।