फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिचौलियों के चंगुल से आजादी दिलाएगा कृषि बिल

विज्ञापन
demo photo - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

जिले के ज्यादातर किसान केंद्र सरकार के वादे से संतुष्ट, कहा- अब बिचौलियों का खेल खत्म होने की उम्मीद

बरेली। विपक्ष के जोरदार विरोध के बावजूद तीनों कृषि विधेयक आखिरकार राज्यसभा में भी पारित हो गए। हालांकि सियासत अभी जारी है और राज्यसभा में इन विधेयकों को रोकने में नाकाम रहा विपक्ष अब केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की तैयारी में है। अमर उजाला ने रायशुमारी की तो ज्यादातर किसानों ने भी कृषि विधेयक पर सहमति जताई।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि इस बिल के पास होने के बाद उन्हें अपनी फसल बेचने की आजादी मिलने के साथ दूसरे लाभ भी मिलने की उम्मीद है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनमें किसान नहीं बल्कि बिचौलिये शामिल हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकारी खरीद जारी रखे जाने से किसानों की फसल और ज्यादा सुरक्षित होगी। अब तक कई बड़े किसान फसल की अच्छी कीमत पाने के लिए चोरी छिपे हरियाणा की मंडी में अपनी उपज लेकर जा रहे थे। इस विधेयक ने उन्हें खुले तौर पर दूसरे प्रदेशों की मंडी में अपना अनाज बेचने की छूट दी है। अब तराई का चावल स्थानीय बाजार के बजाय भोपाल, इंदौर समेत अन्य शहरों में भेजा सकेगा।
आंकड़े
जिले में किसान : 4.60 लाख
आलू का रकबा : एक लाख हेक्टेयर
धान का रकबा : डेढ़ लाख हेक्टयेर
गेहूं का रकबा : दो लाख हेक्टयेर
किसानों की राय
ज्यादा अवसर दिलाएगा यह विधेयक
यह विधेयक किसानों को अपने उत्पाद बेचने की आजादी देगा और वे मंडी तक सीमित नहीं रहेंगे। इससे उन्हें फसल की अच्छी कीमत भी मिलेगी। मंडियों के अलावा फार्म गेट, कोल्ड स्टोर, वेयर हाउस और प्रसंस्करण यूनिटों के पास भी व्यापार के ज्यादा अवसर होंगे। बिचौलियों का खेल भी खत्म हो जाएगा। - अनिल साहनी, किसान
विज्ञापन

अनुबंधित कृषि समझौते में किसानों का पक्ष कमजोर होगा। बड़ी कंपनियां, निर्यातक, थोक विक्रेता और प्रसंस्करण इकाइयां इसका लाभ लेना चाहेंगी। नए विधेयक से कृषि क्षेत्र भी पूंजीपतियों या कॉरपोरेट घरानों के हाथ में चला जाएगा और इसका सीधा नुकसान किसानों को ही होगा। - हरीश गंगवार, किसान
अनुबंधित किसानों को सभी प्रकार के कृषि उपकरणों की सुविधाजनक आपूर्ति हो सकेगी। उन्हें उत्पाद बेचने के लिए मंडियों और व्यापारियों के चक्कर भी नहीं लगाने होंगे। मंडी में बिचौलियों का खेल खत्म होगा तो इसका फायदा भी किसानों को मिलेगा। - रामपाल गंगवार, किसान
किसान को समय पर फसल का भुगतान मिल सकेगा। इसका लाभ मुझ जैसे लाखों सीमांत व छोटे किसानों को मिलेगा। खेत में ही उपज की गुणवत्ता जांच और परिवहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कृषि उत्पाद की गुणवत्ता सुधरेगी और बिना रोकटोक निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। - परमानंद, किसान
जब सब्जियों की कीमत ज्यादा होगी या खराब न होने वाले अनाज का मूल्य 50 फीसद बढ़ जाएगा तो सरकार भंडारण की सीमा तय कर देगी, इससे किसान व खरीदार दोनों को फायदा होगा। कोल्ड स्टोर और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश बढ़ेगा। किसानों की फसल बर्बाद नहीं होगी। - दामोदर दास, किसान
फसल की उपज को लेकर किसान अनुबंध कर सकेगा। देश में कहीं भी माल बेच सकेंगे। यह किसानों के लिए फायदे का सौदा है। किसान इस विधेयक को सीधे सरल शब्दों में पढ़े तो समझ आएगा कि उन्हें एक आजादी मिली है। विरोध सिर्फ बिचौलिए कर रहे हैं। - हृदय नारायण, किसान
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें