बरेली। आढ़तियों के सहारे धान खरीद कर रही एजेंसियों के पास पैसा खत्म हो गया है। किसान अपना धान बिचौलियों को सौंपने को मजबूर हैं। केंद्रों पर नमी बताकर धान लौटाया जा रहा है। विशेष सचिव खाद्य ने मनमानी खरीद पर तीखी नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
पिछले दिनों में आए खाद्य मंत्री कमाल अख्तर ने बरेली मंडल में हो रही विभिन्न गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने पर विशेष सचिव श्याम सुंदर शर्मा को जायदा लेने भेजा। सचिव ने रविवार दोपहर कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर धान खरीद में हो रही मनमानी पर तीखी नाराजगी जताई। शर्मा ने कहा कि किसानों को फायदा नहीं पहुंचाने वाले अफसर और केंद्र प्रभारी दंडित होंगे। समीक्षा बैठक में पाया गया कि पीसीएफ, एसएफसी और कर्मचारी कल्याण निगम ने धनाभाव के चलते धान खरीद बंद कर दी है। शर्मा ने मामले में एजेंसी प्रमुखों से कहा कि वे तुरंत धन की व्यवस्था करें अन्यथा कार्रवाई होगी।
समीक्षा मेें पाया गया कि मंडल में 7.51 लाख टन लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 2.77 लाख टन धान खरीदा गया है। विशेष सचिव ने कहा कि क्रय केंद्रों पर जानबूझकर खरीद नहीं हो रही है। इसलिए, पौने दो माह में अपेक्षित खरीद नहीं हो पाई है। लापरवाही बरतने वालों पर गाज गिरेगी। इसके तहत बदायूं के डिप्टी आरएमओ कौशलेंद्र को प्रतिकूूल प्रविष्टि दी गई है। आरएमओ आरएम पांडे ने मंडल में हो रही खरीद से अवगत कराया। इस दौरान एसआरओ वीएस यादव और सभी क्रय एजेंसियों के प्रबंधक मौजूद रहे।
दागी एसएमआई बने जिला प्रभारी
विभिन्न घोटालों के आरोपी एसएमआई कौशलेंद्र वर्मा को बदायूं में डिप्टी आरएमओ बना दिया गया है। वर्मा पूरे मंडल में सबसे जूनियर हैं। उन पर पांच करोड़ रुपये कीमत के नये बोरे खरीदकर हेराफरी करने का आरोप है। विशेष सचिव शर्मा ने बताया कि बेहतर कार्य करने वालों की उपेक्षा कर गड़बड़ी में फं से लोगों को प्रोत्साहित करने का मामला सामना आया है। इसकी रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को सौंपी जाएगी। कम खरीद करने वाले प्रभारी चिन्हित कर लिए हैं, इन पर कार्रवाई तय है।