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तीन दिन बाद परीक्षाएं और प्रवेशपत्र का अता पता नहीं

Fri, 26 Feb 2016 02:31 AM IST
बरेली
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं पहली मार्च से शुरू हो रही हैं लेकिन प्रवेश पत्रों का कुछ पता नहीं है। सिंगल सब्जेक्ट और अनिवार्य विषय से संबंधित प्रवेश पत्र वेबसाइट पर शो नहीं हो रहे हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई। इसमें तमाम समस्याएं प्राचार्यों ने बताईं।
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जेपीएम कॉलेज ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय की वेबसाइट की खामियों के बारे में बताया। कहा कि उनके कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर प्राइवेट की 200 सीटें हैं, लेकिन 160 सीटें भरते ही वेबसाइट पर सीटें फुल दिखने लगीं। इसलिए, 40 सीटें खाली रह गई हैं। वेबसाइट की गड़बड़ी की वजह से विद्यार्थी फार्म नहीं भर पाए। दूसरे कॉलेजों ने भी ऐसी ही समस्याएं बताईं। यह भी बताया गया कि प्रवेश पत्र के लिए सिंगल सब्जेक्ट वाले छात्र जैसे ही रोल नंबर डालते हैं, वह गायब हो जाता है। इसी तरह से बीएससी में अनिवार्य विषय एनवॉयरमेंट के पेपर की जगह पर एनवॉयरमेंटल साइंस के तीन पेपर दिख रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में भ्रम फैल रहा है, उन्हें लग रहा है कि उन्हें एनवॉयरमेंटल साइंस के तीन पेपर देने पड़ेंगे। साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय की शिकायत है कि बरेली कॉलेज के प्राइवेट फार्म पर उनके कॉलेज का नाम आने लगा। इससे साहू रामस्वरूप की सीट पहले ही भर गईं। कॉलेजों की समस्या सुनने के बाद कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य ने कॉलेजों को कुछ मोबाइल नंबर दिए और कहा कि अगर कोई समस्या होती है तो फोन कर सकते हैं। यह भी कहा कि वेबसाइट की समस्याएं दूर करा दी जाएंगी। प्रवेश पत्र की खामियां सुबह तक ठीक हो जाएंगी। परीक्षाओं में कोई देर नहीं होगी।

परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की मांग
आर्य कन्या महाविद्यालय भूड़ ने कुलसचिव से कहा कि उनके यहां अनिवार्य पेपर एनवॉयरमेंट की बहुत सी छात्राएं हैं। उनके पास इतनी जगह नहीं है कि इतनी संख्या में छात्राएं कॉलेज में परीक्षा दे सकें। इसलिए, तारीख आगे बढ़ाई जाए। कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य ने परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने से मना कर दिया।
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कॉलेजों में बढ़ेगी कंटीजेंसी फीस
वेबसाइट से प्रिंटिंग की वजह से छात्रों से लिए जाएंगे रुपये
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में हुई प्राचार्यों की बैठक में कॉलेजों ने शिकायत की कि उन्हें प्रिंट अधिक मात्रा में निकालना पड़ता है। कागज लाने के लिए उनके पास अलग से कोई फंड नहीं है। इस पर रजिस्ट्रार ने कंटीजेंसी फीस बढ़ाने के लिए कहा है। बजट के प्रस्ताव में इसे शामिल किया जाएगा।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में दो साल से आवेदन फार्म भरे जा रहे हैं। खासतौर पर परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरे जा रहे हैं। ऑनलाइन फार्म भरने के बाद विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र आदि डाउनलोड करके कॉलेजों को निकालना पड़ता हैं। इसलिए, कॉलेजों की ओर से बैठक में कुलसचिव से यह शिकायत की गई कि वह कागजों का खर्च कहां से लाएं। कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य ने कहा कि इसके लिए कॉलेजों को फीस में छात्रों से रुपये लेने होंगे। इसका प्रस्ताव बनाकर विश्वविद्यालय भेजना होगा।
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