बरेली। शहर में शुक्रवार को हुए उपद्रव के वीडियो वायरल हुए तो शनिवार को बरेली आने-जाने वाली ट्रेनों और बसों में यात्रियों की संख्या घट गई। स्थिति यह रही कि बरेली और रुहेलखंड डिपो की 40 बसें कार्यशाला से ही नहीं निकलीं। जंक्शन पर भी रोजाना की मुकाबले यात्रियों का आवागमन चार हजार तक कम रहा।
बबाल के बाद शुक्रवार को ही पुराने बस अड्डे पर सन्नाटा पसर गया था, क्योंकि इसी के इर्द-गिर्द के इलाकों में हिंसक झड़पेंं हुई थीं। ऐसे में यहां दोपहर से ही कम बसें निकलीं। शनिवार को मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। दोपहर से इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया गया। कासगंज, मथुरा, आगरा, अलीगढ़ की ओर जाने-आने वाली बसों की संख्या भी कम रही। ट्रेनों में सामान्य टिकटों की बिक्री भी घट गई। दिल्ली-लखनऊ के बीच दैनिक यात्रियों का आवागमन कम रहा। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक इमरान ने बताया कि सप्ताह का अंतिम दिन होने के कारण भी यात्रियों का आवागमन कम रहा। इसके अलावा माहौल का भी प्रभाव पड़ा है।