बरेली। अग्रवाल सेवा समिति की ओर से तीन दिवसीय परिचय और सामूहिक विवाह सम्मेलन में 36 जोड़ों ने एक दूजे को जयमाल पहनाकर अपना जीवन साथी चुना। पहले एक दूसरे का परिचय कराया गया। फिर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दूल्हों को अंगूठी और पगड़ी पहनाने की रस्म अदा हुई। बैंडबाजों के साथ नाचते गाते बारातियों को लेकर दूल्हों ने टिबरीनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इसके बाद वेद मंत्रोच्चारण के बीच दूल्हा दुल्हनों ने सात फेरे लेकर एक दूजे का साथ निभाने का वादा किया।
प्रथम चरण में 12 बजे तक 50 युवक युवतियों का परिचय कराया गया। समिति की ओर से इसके बाद अपने विवाह के 50 और 75 साल पूरे कर चुके युगलों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। अग्रवाल समाज सेवा समिति के 15 सदस्यों को अग्रवंश शिरोमणि नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। द्वितीय चरण में सामूहिक विवाह कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। दूल्हों ने अपने जीवन साथी को अंगूठी पहनाने की रस्म अदा की। दूल्हों को पगड़ी पहनाई गई। फिर सभी 36 जोड़ों को मंच पर लाया गया, जहां वर वधुओं ने एक दूसरे को जयमाल पहनाई। पुरोहित ने वेद मंत्रोच्चारण के बीच सात फेरों की रस्म पूरी कराई। विदाई के समय अग्रवाल समिति की ओर से नव वैवाहिक युगलों को गृहस्थी का सामान और उपहार भेंट किए गए। संयोजक संदीप अग्रवाल मिंटू ने बताया कि समारोह में एक विवाह ऐसा भी हुआ जिसके माता पिता ने 1994 में इसी मंदिर प्रांगण में परिचय कराया था। समारोह में डा. आरती गुप्ता, प्रेमप्रकाश अग्रवाल, साधना अग्रवाल, शिरीश गुप्ता, अजय अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, प्रदीप ठेकेदार, महेंद्र अग्रवाल, संजय गर्ग, शिव कुमार अग्रवाल, अनूप गोयल, अमित गोयल, सुधीर अग्रवाल, देवी दयाल बंसल, पंकज अग्रवाल, विजय अग्रवाल, नारायण स्वरूप, आयुष्मान अग्रवाल, नीता अग्रवाल, ममता गर्ग आदि मौजूद रहे।