अग्निकांड में दो महिला मरीजों की मौत के बाद सील साईं अस्पताल के आईसीयू में मंगलवार सुबह टूटे रोशनदान से दो कर्मचारियों को घुसते देखा गया। दोनों कर्मचारियों की कारगुजारी कैमरे में कैद होने के बाद हल्ला मच गया कि अस्पताल प्रबंधन साक्ष्यों से छेड़छाड़ कराने की कोशिश कर रहा है। मामला एसपी सिटी तक भी पहुंचा। पुलिस भी इसे साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोशिश मान रही है।
इस बाबत जब र्साइं अस्पताल के संचालक डॉ. शरद अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने गायब कंपाउंडर जितेंद्र को खोजने की बात कहकर चौंका दिया। डॉक्टर के मुताबिक कर्मचारियों को शंका थी कि कहीं कंपाउंडर बचाव के दौरान आईसीयू के अंदर ही तो नहीं रह गया और धुएं की वजह से बेहोश होने के बाद सबकी नजरों से बच गया हो। उसे खोजने के लिए ही कर्मचारियों से कहा गया था। हालांकि डॉक्टर यह नहीं बता सके कि इस खोजबीन का नतीजा क्या निकला।
कर्मचारियों की यह हरकत भी अब जांच का हिस्सा
चर्चा रही कि कहीं कर्मचारी को खोजने की आड़ में अस्पताल प्रबंधन अग्निकांड के साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की कोशिश तो नहीं कर रहा है, क्योंकि आग लगने के बाद हीटर को वजह बताया गया था, लेकिन फोरेंसिक जांच में बिजली के बोर्ड में शार्ट सर्कि ट की बात कही गई है। अस्पताल प्रबंधन पर हीटर हटाने का पहले ही आरोप लग चुका है। हालांकि बाद में पुलिस ने हीटर अपने कब्जे में ले लिया था। लिहाजा सील आईसीयू में कर्मचारियों की रोशनदान से अंदर घुसने की कोशिश को भी पुलिस ने जांच में शामिल कर लिया है।
कर्मचारी गिरते तो हो सकता था हादसा
दोनों कर्मचारी दूसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू के जिस रोशनदान से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे, वह काफी ऊंचाई पर है। नीचे सिर्फ थोड़ी सी जगह है। अगर उनसे जरा सी भी चूक होती तो एक और हादसा हो सकता था।