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Bareilly News: बंदी की फरारी के बाद सेंट्रल जेल में गुटबंदी, अफसरों में तकरार

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बरेली। बंदी हरपाल के फरार होने और फिर गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल जेल के अंदरूनी हालात अच्छे नहीं हैं। यहां गुटबाजी चरम पर है। अफसर एक-दूसरे से गालीगलौज पर उतारू हैं तो निलंबित वार्डर ने भी खुद को बेगुनाह बताकर अफसरों पर ठीकरा फोड़ा है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने डीआईजी जेल के जरिये मुख्यालय से पत्राचार किया है।
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इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित सेंट्रल जेल से विवादों में कुछ महीने पहले एक जेलर का दूसरे जिले में तबादला कर दिया गया था। वहां भी उन्होंने अपने अंदाज में नौकरी की। उनके आवास की पुताई करने के दौरान एक बंदी फरार हो गया। तब उन्हें निलंबित कर दिया गया। बरेली से तबादले के तीन महीने बाद भी वह जेल का सरकारी आवास खाली नहीं कर रहे हैं, जबकि उनकी जगह तैनात जेलर मजबूरी में डिप्टी जेलर के आवास में रह रहे हैं। विभागीय स्तर पर आवास खाली करने को लेकर लिखापढ़ी की गई तो निलंबित जेलर ने यहां के दूसरे समकक्ष अधिकारी से गालीगलौज की। इसकी रिकाॅर्डिंग वायरल हो रही है। जेल अफसरों की गुटबाजी व शिकायतें लखनऊ पहुंच रही हैं।
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निलंबित जेलर बोले- जाऊं तो कहां जाऊं
- तबादला और निलंबन के बाद भी आवास कब्जाने वाले जेलर से बात की गई तो उनका कहना था कि वह दूसरी जेल में जाने के साथ ही निलंबित हो गए थे। उनका परिवार बरेली जेल में बने आवास में रह रहा है। बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में वह आखिर कहां जाएं। इस बारे में वह अधिकारियों को बता चुके हैं। कहा कि उन्होंने गालीगलौज भी नहीं की, केवल आमने सामने मिलने पर सामान्य नाराजगी जताई थी।
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निलंबित जेल वार्डर ने अफसरों की बताई गलती
- हरपाल के मामले में निलंबित हुए जेल वार्डर अजय कुमार प्रथम ने शासन के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर बताया है कि जेल में ट्रैक्टर चालक का पद खाली है। कागजों में उसी का नाम ट्रैक्टर चालक के तौर पर चलाया जा रहा था, जबकि ट्रैक्टर को हरपाल से चलवाया जाता था। सुरक्षाकर्मियों के अभाव में ट्रैक्टर चलाते वक्त हरपाल फरार हो गया। इस मामले में जेल नियमावली का उल्लंघन किया गया जिसकी गलती अधिकारियों की थी पर निलंबित उसे कर दिया गया। उसके खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। ऐसे में उस पर की गई कार्रवाई की समीक्षा कराकर कार्रवाई की जाए।

जेल में सब ठीक है। तबादले पर गए जेलर के आवास खाली न करने से दूसरे जेलर को असुविधा हो रही है। उन्होंने शिकायत की तो उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। फरार बंदी के मिलने के बाद पुलिस मामले की विवेचना कर रही है, जो सच्चाई होगी वह सामने आ जाएगी। - अविनाश गौतम, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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अमर उजाला ब्यूरो
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