बरेली। केंद्रीय और प्रांतीय सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफलता के लिए चयनित किए जाने वाले विषय दर्शनशास्त्र पर प्रवेश नियमावली के चलते प्रवेश घट गए थे। लिहाजा, बरेली कॉलेज ने संबंधित नियमावली में बदलाव कराया और प्रवेश की संख्या चार गुने से ज्यादा हुए।
दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. आरके गुप्ता के मुताबिक दर्शनशास्त्र एक विशिष्ट विषय है, जो समझ शक्ति और विश्लेषण क्षमता को बढ़ाता है। पूर्व में विश्वविद्यालय नियमावली से एक निर्धारित तादाद में ही विद्यार्थियों को प्रवेश मिलता था। नियम था कि कुल सीटों का दस फीसदी नाॅन स्ट्रीम के लिए आरक्षित था। स्नातकोत्तर की जो सीट बचती थी, उन पर सिर्फ स्नातक में दर्शन पढ़ा विद्यार्थी ही प्रवेश ले सकते थे। नतीजा, पिछले वर्ष 10 विद्यार्थी प्रवेश ले सके। प्रो. एसी त्रिपाठी ने बताया कि प्रवेश की घटती संख्या पर प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने नियम में बदलाव की मांग की।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने नियम समाप्त कर दिया। नतीजा रहा कि इस वर्ष अब तक दर्शनशास्त्र के स्नातकोत्तर में 45 प्रवेश हो चुके हैं। ब्यूरो