बरेली। भाजपा से बगावत करने के बाद पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने रविवार को लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान उनके साथ पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति कश्यप भी मौजूद रहीं। इस मुलाकात ने बरेली की राजनीति में नए और दिलचस्प समीकरणों को जन्म दे दिया है।
मुलाकात के दौरान सपा नेतृत्व ने पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह को आंवला विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी घोषित कर दिया है। इसे वीरपाल को आंवला से चुनाव मैदान में उतारे जाने के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यहां बता दें कि वीरपाल सिंह ने 2017 में बिथरी चैनपुर से चुनाव लड़ा था और हारने के बाद कुछ समय के लिए शिवपाल यादव की प्रसपा में भी शामिल रहे थे।
दूसरी ओर, धर्मेंद्र कश्यप पहले ही अपनी बेटी कीर्ति कश्यप को बिथरी चैनपुर से चुनाव लड़ाने की सार्वजनिक घोषणा कर चुके हैं। सपा नेतृत्व से प्रभारी बनाया गया है। हरी झंडी मिलने के बाद कश्यप परिवार को राजनीतिक रूप से बड़ा आश्वासन मिल गया है। चर्चा है कि धर्मेंद्र कश्यप आगामी 27 अक्तूबर को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
भाजपा से नाता तोड़ने के तुरंत बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव तक उनकी पहुंच इस बात का पुख्ता उनकी बातचीत पहले से जारी थी और पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद भाजपा को टाटा बाय बाय किया है।
सपा के इस राजनीतिक दांव से पार्टी के स्थानीय संगठन और अन्य पुराने दावेदारों के बीच हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से अन्य दावेदारों की नाराजगी और चुनाव के दौरान भीतरघात का जोखिम भी बढ़ सकता है, जिससे पार्टी नेतृत्व को संतुलन साधना होगा। इस बीच, रविवार को राजनीतिक घटनाक्रम के तहत कांग्रेस के पूर्व विधायक रामेश्वर नाथ चौबे के पौत्र एवं डीसीडीएफ के चेयरमैन शिवेंद्र नाथ चौबे ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है।