After reaching Barua Hussainpur, the forest workers saw the footprints of the leopard.
भुता। बरुआ हुसैनपुर गांव में शनिवार शाम करीब पांच बजे किसान नरेश ठाकुर के सामने अचानक तेंदुआ आ गया था। वह घबराकर चिल्लाते हुए भागने पर दर्जनों ग्रामीण पहुंच गए थे। इसके बाद तेंदुआ कांड़ू नदी की तरफ चला गया था। घटना की सूचना के दूसरे दिन रविवार सुबह करीब 11 बजे वन विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने ग्रामीणों के साथ खेतों में कांबिंग करती रही। खेत में मिले पैरों के निशान के फोटो खींचकर अधिकारियों को भेजे। टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
बरुआ हुसैनपुर गांव में पिछले एक हफ्ते से तेंदुआ दो शावकों के साथ देखा जा रहा है। कई ग्रामीणों को तेंदुए से आमना सामना हो चुका है, मगर वन विभाग की टीम अब तक खेतों में मिले पगचिह्न तेंदुए के होने की पुष्टि नहीं कर पाई है। शनिवार शाम भी गांव के नरेश ने शावकों के साथ तेंदुए को देखा। अचानक तेंदुआ सामने आने पर वह जान बचाकर किसी तरह वहां से भागे। चीखपुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने भी शोर मचाया तो तेंदुआ कांडू नदी की तरफ चला गया था।
ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना के दूसरे दिन रविवार सुबह 11 बजे डिप्टी रेंजर विजय प्रकाश और मनोज कुमार टीम के साथ गांव पहुंचे। नरेश ठाकुर व अन्य ग्रामीणों से पूछताछ की। इस दौरान के अंकित कुमार, विजेंद्र सिंह, अमन सिंह, विनय सिंह, राजेंद्र सिंह, दीपक श्रीवास्तव, मोहित कुमार, वीरपाल, राजेश सिंह, उमेश पाल सिंह सहित लोगों ने क्षेत्र में तेंदुआ की चहलकदमी होने की बात कही। सूचना पर भुता थाने के दरोगा नरेंद्र सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पुलिस और ग्रामीणों के साथ खेतों में कांबिंग की।
वन विभाग की टीम ने खेत में मिले पगचिह्नों के फोटो खींचकर अधिकारियों को भेजें हैं, लेकिन वन विभाग की टीम तेंदुआ की मौजूदगी मानने को तैयार नहीं है। इससे ग्रामीणों में वन विभाग की टीम के प्रति रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की टीम उन्हें गुमराह कर रही है।