बरेली। पंचायत चुनाव-2021 के पूरे चार साल बाद रामनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलेली की राजकुमारी को प्रधानी का ताज मिला है। इसके लिए उन्होंने एसडीएम कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी है, जहां से उन्हें कामयाबी मिली है।
डीएम ने भी राजकुमारी को प्रधान पद पर पदस्थापित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही निवर्तमान प्रधान आशा देवी को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया है।
मई 2021 में हुए पंचायत चुनाव में गुलेली ग्राम पंचायत में प्रधान पद पर कुल 5 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। इसमें राजकुमारी को 758 वोट मिले थे और आशा देवी को 649 वोट, लेकिन राजकुमारी के कुल वोट में से 111 वोट अवैध घोषित हो गए थे।
इस प्रकार राजकुमारी को मिले वैध वोटों की तुलना में आशा देवी के दो वोट अधिक थे। जिस पर रिटर्निंग ऑफीसर ने आशा देवी को प्रधान पद पर निर्वाचित घोषित कर दिया था।
इस पर राजकुमारी ने आशा देवी के विरुद्ध एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया था। परिणाम स्वरूप पुनर्मतगणना के आधार पर राजकुमारी को ग्राम पंचायत गुलेली का प्रधान घोषित किया गया था। एसडीएम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध आशा देवी ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में चुनौती दी थी।
ऐसे में आशा देवी की रिट याचिका के विरुद्ध राजकुमारी ने 8 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पेटिशन (सिविल) दाखिल की थी।
लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 23 अप्रैल 2025 को राजकुमारी के पक्ष में आदेश पारित किया। इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश के द्वारा दिए गए तर्क से असहमति जता दी और एसडीएम कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।
बीडीओ ओम प्रकाश ने बताया कि राजकुमारी को ब्लॉक कार्यालय के सभागार में सोमवार को ही प्रधान पद की शपथ दिलाएंगे। संवाद